नई दिल्ली, 6 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय महिला हॉकी टीम बेल्जियम के शहर एंटवर्प में समाप्त हॉकी वर्ल्ड लीग (एचडब्ल्यूएल) सेमीफाइनल में पांचवां स्थान हासिल करने के बाद रियो ओलम्पिक में जगह बनाने के प्रति अभी भी उम्मीद से भरी हुई है।
एचडब्ल्यूएल सेमीफाइनल में हिस्सा लेकर सोमवार सुबह दिल्ली पहुंची भारतीय टीम की कप्तान रितु रानी ने कहा, “हमारा लक्ष्य ओलम्पिक में जगह सुनिश्चित करना था और हम अभी भी रेस में हैं। सभी खिलाड़ियों ने अपनी पूरी क्षमता के साथ खेला।”
रितु रानी ने कहा, “हमने वहां कुछ शीर्ष वरीय टीमों के साथ खेला, जिससे हमें अपनी कमियों का पता चला। हम अपने खेल में सुधार के लिए उन पर काम कर रहे हैं और ओलम्पिक में जगह बनाने के लिए हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।”
भारतीय टीम को रियो ओलम्पिक-2016 में जगह बनाने के लिए 10 टीमों के बीच हुए एचडब्ल्यूएल सेमीफाइनल टूर्नामेंट में शीर्ष-3 में जगह बनाना जरूरी था।
भारतीय शीर्ष-3 में जगह तो नहीं बना पाई, हालांकि पांचवां स्थान हासिल करते हुए उन्होंने ओलम्पिक में प्रवेश की अपनी दावेदारी को अभी भी जिंदा रखा है।
भारतीय टीम के सहायक कोच सी. आर. कुमार ने कहा, “हमें पता था कि रियो ओलम्पिक में प्रवेश की रेस में बने रहने के लिए हमें कम से कम शीर्ष-5 में रहना होगा। आखिरी के दो मैच बेहद अहम थे और लड़कियों ने धैर्य कायम रखते हुए उम्मीदों और दबावों पर खुद को खरा साबित किया।”
कुमार ने कहा, “युवा खिलाड़ियों ने खासकर बेहतर प्रदर्शन किया और मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारतीय महिला हॉकी का भविष्य बेहद उज्जवल है।”
पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय गोलकीपर सविता ने कहा, “जापान के खिलाफ मैच हमारे लिए बेहद अहम था। हमें पता था कि रियो ओलम्पिक में जगह बनाने के लिए यह हमारी आखिरी उम्मीद थी। इसलिए हमने अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रदर्शन किया।”
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