नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। भारतीय फुटबाल टीम के कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन ने बुधवार को कहा कि विदेशों में बसने वाले भारतीय मूल के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में जगह देना भारतीय फुटबाल की समस्याओं का दीर्घकालिक हल तो नहीं है, लेकिन इससे निकट भविष्य में कुछ सकारात्मक नतीजे जरूर मिलेंगे।
कांस्टेनटाइन ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखा, “मैं विश्व के अन्य हिस्सों में रहने वाले भारतीय मूल के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करना चाहूंगा। मैंने ऐसे कई खिलाड़ियों की पहचान भी की है जो टीम को निखारने में मदद कर सकते हैं।”
ब्रिटेन के कांस्टेनटाइन ने हाल में विश्व कप-2018 के क्वालीफाइंग मैच में गुवाम से मिली हार के बाद इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। भारत को विश्व कप क्वालीफायर्स के अपने दोनों शुरुआती मैचों में हार का सामना करना पड़ा है।
कांस्टेनटाइन ने उस मैच के बाद कहा था कि गुवाम ने अपनी टीम में ज्यादातर वैसे खिलाड़ियों को शामिल किया जो अमेरिका या अन्य देशों में बसते हैं।
भारत में पीपल्स ऑफ इंडियन ओरिजन (पीआईओ) खिलाड़ियों को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की इजाजत नहीं है।
कांस्टेनटाइन के अनुसार विश्व के दूसरे देशों में ऐसा हो रहा है, इसलिए भारत में भी इसे अपनाया जा सकता है।
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