नई दिल्ली, 28 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि विश्व, योग सहित भारत की अन्य विरासतों के बारे में जानने को उत्सुक है। इसके साथ ही उन्होंने आईटी पेशेवरों से प्राचीन कार्यो से जुड़ी और सूचनाएं देने के लिए ऑनलाइन कार्यक्रम पेश करने को कहा।
मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के नौवें संस्करण में कहा, “विश्व भारत, हमारे मूल्यों, हमारी परंपराओं और संस्कृति के बारे में अधित जानने के लिए उत्सुक है। हम विश्वभर में अपना ज्ञान पहुंचा सकते हैं। ऐसा हम तभी कर सकते हैं, जब हमें हमारी विरासत पर गर्व हो।”
उन्होंने कहा कि भारतीयों को उनके पूर्वजों से योग तथा पारिवारिक मूल्यों जैसी कई चीजें मिली हुई हैं।
मोदी ने कहा, “हम क्यों नहीं विश्व को अपने पारिवारिक मूल्यों से अवगत कराएं? इसी तरह विश्व को योग की जानकारी देना हमारी जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा, “मैं सभी युवाओं विशेषकर आईटी पेशेवरों से अपील करता हूं कि वे कुछ ऑनलाइन योग कार्यक्रम पेश करें, जो कि योग की जानकारी और इससे संबंधित लाभ की सूचना उपलब्ध कराए।”
मोदी ने प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) की सफलता के बारे में बात की और इसे सफल बनाने के क्रम में इसमें शामिल होने और जीतोड़ प्रयास करने के लिए सशस्त्रबलों को सराहा।
उन्होंने कहा, “मैंने 21 जून को जब संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून को योग करते देखा, तो मुझे बेहद खुशी हुई।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों ने यह सुझाव दिया कि वह मानसून पर बात करें, जो देश के कई हिस्सों में सक्रिय हो गया है।
मोदी ने वर्षा आधारित कृषि की वकालत करते हुए कहा कि जल संरक्षण के प्रयास होने चाहिए। ‘यह जन आंदोलन बनना चाहिए।’
उन्होंने महात्मा गांधी के पोरबंदर स्थित घर का उदाहरण दिया, जहां बारिश के पानी को संरक्षित रखने के लिए 200 साल पुराना भूमिगत जलाशय मौजूद है।
उन्होंने देशवासियों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि रक्षा बंधन से पूर्व महिलाएं सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ें।
प्रधानमंत्री ने अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा, “हम अगस्त में रक्षा बंधन मनाएंगे। हम एक जन आंदोलन शुरू कर सकते हैं, जिसके जरिए हम यह सुनिश्चित करें कि देश की सभी माताएं-बहनें रक्षा बंधन से पूर्व सभी सुरक्षा योजनाओं से जुड़ जाएं।”
उन्होंने कहा, “चाहे कोई महिला किसी के घर साफ-सफाई का काम कर रही हो या हमारे क्षेत्र में हो या फिर वह हमारी खुद की बहन हो, हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ मिल सके।”
मोदी ने हरियाणा के एक गांव में कराई गई ‘सेल्फी विद डॉटर’ प्रतियोगिता का उदाहरण दिया और कहा कि ऐसी ही पहल और लोग भी कर सकते हैं तथा सरकार के ‘बेटी बचाओ बेटी बढ़ाओ’ अभियान में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी बेटियों के साथ तस्वीर लेकर सोशल मीडिया में हैशटैग ‘सेल्फी विद डॉटर’ के साथ साझा करें।
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