तिरुवनंतपुरम, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। उद्योगपति और राज्यसभा सदस्य राजीव चंद्रशेखर को सैन्य इतिहास से जुड़ी चीजें जमा करने का शौक है और अब उन्हें इसमें केंद्र सरकार का सहयोग मिला है। जो उनसे डगलस डीसी3 डकोटा विमान की भेंट स्वीकारने को तैयार हो गई है।
केरल निवासी चंद्रशेखर कर्नाटक से राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मैं नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इस उड़ने के योग्य विमान की भेंट स्वीकारने से खुश हूं। यह विमान 1948 तक सेवा में था।”
उन्होंने पहले इस विमान को पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार को देने की पेशकश की थी, लेकिन वहां से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उन्होंने बताया कि लेकिन जहां तक मोदी और रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर का सवाल है, इस बार ऐसा नहीं हुआ।
51 वर्षीय चंद्रशेखर ने कहा, “मैंने इस विमान को 2009 में आयरलैंड में खरीदा था और इसे लंदन लेकर गया। मैंने इस एयरक्राफ्ट की पूरी तरह मरम्मत करवाई है और अब यह उड़ने योग्य है। अब हम चारों तरफ से मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। और एक बार जब सभी मंजूरियां मिल जाएंगी तो हम इसे भारत लेकर आएंगे और वायुसेना को प्रदान करेंगे।” चंद्रशेखर खुद कमर्शियल पायलट लाइसेंस रखते हैं।
उद्योगपति से राजनेता बने चंद्रेशखर का कहना है कि बचपन से ही उन्हें विमान और उसे उड़ाने का शौक था। उन्होंने बताया, “मेरे पिता एयर कमोडोर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी उम्र 80 साल से ज्यादा है और वे बेंगलुरू में रहते हैं। बचपन से ही मैंने अपने चारों तरफ विमानों को ही देखा है। मुझे याद है कि मेरे पिता मेरे ऊपर अपने विमान को लहराते थे जिसे वो उड़ाया करते हैं। ये मुझे अभी भी अच्छी तरह याद है।”
वे कहते हैं, “युवा पीढ़ी को इतिहास से प्रेरणा मिलती है। डकोटा विमान हमारी वायुसेना में कई सालों तक शामिल रहा था। मुझे बहुत बुरा लगता है जब मैं यह सुनता हूं कि हमारी सेनाओं के युद्धपोत और विमानों को तोड़ा जा रहा है।”
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