नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने देश में सौर ऊर्जा पारेषण प्रणाली में सुधार के लिए एक ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया, “भारत और एडीबी ने गुरुवार को 17.5 करोड़ रुपये के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं ताकि नए मेगा सौर पार्को से अंतर्राज्यीय ग्रिड को बिजली की आपूर्ति की जा सके तथा राष्ट्रीय ग्रिड सिस्टम की क्षमता में सुधार किया जा सके।”
इस मौके पर वित्त मंत्रालय के संयुक्त सचिव राज कुमार ने कहा कि मेगा सौर ऊर्जा परियोजनाओं के अंतर्राज्यीय ट्रांसमिशन सिस्टम के निर्माण की परियोजना को दिए गए समर्थन से सौर ऊर्जा अधिशेष वाले राज्यों से कम बिजली वाले राज्यों को बिजली पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बयान में कहा गया, “यह ऋण पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) को दिया जाएगा और इसमें देश के विभिन्न स्थानों की उप-परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा।”
ऋण समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद, एडीबी के कंट्री डायरेक्टर (भारत) केनीची योकोयामा ने कहा कि यह परियोजना भारत में सौर ऊर्जा के निरंतर विस्तार का समर्थन करेगी और ऊर्जा में स्वच्छ ऊर्जा के हिस्से को बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन में योगदान देगी, जोकि सरकार का उद्देश्य भी है। साथ ही इससे बिजली व्यवस्था की समग्र दक्षता भी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि पावरग्रिड की सुरक्षा और खरीद प्रणाली को अपनाने से इसकी परिचालन लचीलापन और स्वायत्तता में सुधार होगा और प्रोजेक्ट की तैयारी व कार्यान्वयन के लिए लेनदेन लागत और समय में कमी आएगी।
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