नई दिल्ली, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत-नेपाल की मित्रता अनोखी और परखी हुई है और दोनों के सुरक्षा हित आपस में जुड़े हुए हैं।
भारत के दौरे पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल प्रचंड के साथ बैठक के बाद अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमरी मित्रता परखी हुई और अनोखी है। हम मुश्किल समय में एक-दूसरे का बोझ भी बांटते हैं और एक-दूसरे की उपलब्धियों का जश्न भी मनाते हैं। निकट पड़ोसी और घनिष्ट मित्र देश होने के नाते नेपाल में शांति, स्थायित्व और आर्थिक समृद्धि हमारा पारस्परिक लक्ष्य है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में लोकतांत्रिक शक्तियों को मजबूत बनाने में प्रचंड की भूमिका पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “हमारे सुरक्षा हित आपस में जुड़े हुए हैं। हमारे बीच इस बात पर सहमति है कि विकास एवं तरक्की के पारस्परिक लक्ष्यों को हासिल करने में अपने-अपने समाज की सुरक्षा बेहद अहम है। भारत, नेपाल के साथ अपने संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार है। हम नेपाल सरकार और नेपाल वासियों को प्राथमिकता के हिसाब से ही काम करेंगे।”
मोदी ने यह भी कहा कि दोनों देशों की खुली सीमाएं दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क को सहज बनाते हैं, लेकिन इस सीमा की सुरक्षा के लिए दोनों देशों की रक्षा एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय जारी रखना होगा।
वहीं प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के तहत भारत आए प्रचंड ने कहा कि नेपाल विकास के पथ पर सफलतापूर्वक बढ़ रहे भारत से काफी कुछ सीखना चाहता है और नेपाल में उनकी सरकार का मुख्य एजेंडा विकास ही होगा।
इससे पहले दोनों शीर्ष नेताओं ने हैदराबाद भवन में द्विपक्षीय वार्ता की और कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
प्रचंड चार दिवसीय यात्रा पर गुरुवार को भारत पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी सीता दहाल भी हैं। शुक्रवार को इससे पहले प्रचंड के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में एक समारोह का आयोजन किया गया।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली और ऊर्जा राज्य मंत्री पीयूष गोयल शुक्रवार को प्रचंड से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा प्रचंड शुक्रवार को ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से भी मुलाकात करेंगे।
इसके अलावा शुक्रवार की शाम वह देश के अग्रणी उद्योग संगठन एसोचैम द्वारा आयोजित एक संयुक्त व्यापार सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे।
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