नई दिल्ली, 10 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने भारत और बहरीन के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर को मंजूरी दी। दोनों देशों ने महिलाओं और बच्चों सहित मानव तस्करी के रोकथाम में सहयोग करने पर सहमति जताई। इसमें बचाव, पुनर्वापसी, बरामदगी और इसके शिकार हुए लोगों को परिवारों से मिलाना शामिल है।
इस सहमति से दोनों देशों ने मानव की अवैध तस्करी, खासकर महिलाओं और बच्चों की तस्करी को तेजी से रोकने, बचाव करने और प्रत्यर्पण के मुद्दे पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अप्रैल 2016 के पहले सप्ताह में गृहमंत्री के दुबई दौरे के दौरान सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
भारत और बहरीन राजशाही के बीच सहमति पत्र में कहा गया है कि मानव तस्करी को रोकने के लिए दोनों पक्ष तस्करी विरोधी सेल और कार्यबल गठित करेंगे। मानव तस्करों की पहचान के लिए पुलिस और दूसरी संबंधित एजेंसियों के बीच कार्य और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
पीड़ित पक्ष की घर वापसी को हरसंभव प्रयास करते हुए तेजी से पूरा किया जाएगा और मूल देश उसके सुरक्षित और प्रभावी पुनर्मिलन के उपाय करेगा। दोनों पक्षों के संयुक्त कार्यबल के प्रतिनिधियों का गठन किया जाएगा जिससे सहमति पत्र पर कामकाज पर निगरानी रखी जा सके।
मानव तस्करी के मामले में दक्षिण एशिया के देश खासतौर पर प्रभावित हैं। इसमें घरेलू तस्करी या पड़ोसी देशों से तस्करी की घटनाएं होना आम है, हालांकि मध्य पूर्व में बड़ी संख्या में दक्षिण एशियाई पीड़ित मिल रहे है। बहरीन में भी बड़ी संख्या में पुरुषों और महिलाओं को तस्करी के जरिये लाया जाता है। वहां जबरन मजदूरी और वेश्यावृत्ति के लिए इन्हें ले जाया जाता है।
बहरीन राजशाही और भारत के बीच हर स्तर पर मानव तस्कर रोधी प्रयासों को सख्ती से लागू किया गया है जिससे पीड़ितों की सुरक्षा और इस पर प्रतिबंध लग सके। भारत ने इससे पहले बांग्लादेश के साथ मानव तस्करी को रोकने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
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