नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह निवेशकों का भरोसा और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में सहायता के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौता करने को इच्छुक है।
नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह निवेशकों का भरोसा और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने में सहायता के लिए भारत के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौता करने को इच्छुक है।
भारत में अमेरिका के राजदूत रिचर्ड वर्मा ने यहां भारत-अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित एक भारत-अमेरिकी आर्थिक सम्मेलन में कहा, “मैं अब भी यह मानता हूं कि निवेशकों के भरोसे को बढ़ाने और एक प्रभावशाली विवाद समाधान में दोनों देशों के बीच एक द्विपक्षीय निवेश करार मददगार होगा।”
उन्होंने कहा, “मैं महसूस करता हूं कि वे यह जानना चाहते हैं कि क्या कोई ऐसा समझौता या व्यवस्था लागू है जहां वे अपने विवादों का समाधान और अपने निवेश की रक्षा कर सकें। हमारा दर्जनों अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय निवेश समझौता है और यह हमारा भारत के साथ नहीं है। हम लोग निश्चित रूप से चाहेंगे कि भारत के साथ भी एक ऐसा समझौता रहे।”
इसका उल्लेख करते हुए कि भारत और अमेरिका का लक्ष्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 5000 अरब डॉलर तक ले जाने का है, वर्मा ने कहा कि जब तक भारत में नवोन्मेष के लिए कोशिश नहीं होगी इस लक्ष्य तक पहुंचने में वर्षो लग जाएंगे।
उन्होंने कहा, “हमें निजी क्षेत्र एवं सरकारी दोनों स्तरों से अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष का इस्तेमाल करना होगा।”
अमेरिका बौद्धिक संपदा की रक्षा के लिए कड़ा कानून नहीं बनाने को लेकर भारत की आलोचना करता रहा है। पिछले साल भारत ने बौद्धिक संपदा कानून और पेटेंस से जुड़ी अमेरिका की वार्षिक रिपोर्ट को एकतरफा कार्रवाई और वैश्विक व्यापार नियमों के खिलाफ करार देते हुए खारिज कर दिया था।
वर्मा ने कहा कि भारत अपार संभावना वाला देश है जिसके वर्ष 2030 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उम्मीद है।
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