नई दिल्ली, 28 नवंबर (आईएएनएस)। आईपीसीए ने भारत में अनोखा वीई सीएआरई (वी केयर-वेस्ट एफीशिएंट कलेक्शन एंड री-साइक्लिंग) प्रोजेक्ट शुरू किया है। आईपीसीए को रीसाइकिल न किए जाने वाले प्लास्टिक वेस्ट के नियंत्रण और मल्टी लेयर्ड प्लास्टिक (एमएलपी) के प्रसंस्करण के निर्देश मिले थे।
आईपीसीए ने यह प्रोजेक्ट सीपीसीबी के अतिरिक्त निदेशक एस. के, निगम और दिल्ली स्थित में गाजीपुर में वेस्ट टु एनर्जी प्लांट के ईडीएम रणबीर सिंह की मौजूदगी में शुरू किया।
इस अवसर पर ईडीएमसी के कमिश्नर रणबीर सिंह ने कहा कि हर स्थानीय प्रशासन प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट (पीडब्ल्यूएम) नियम 2016 के तहत कूड़े का वैज्ञानिक प्रबंधन और प्लास्टिक वेस्ट को ठिकाने लगाना सुनिश्चित कर रहा है।
ईडीएमसी ने जीएनसीटीडी को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के उपनियम 2017 को लागू करने का प्रस्ताव दिया है। इस कार्य को पूरा करने के लिए ईडीएमसी ने भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संगठन के साथ मिलकर वी केयर प्रोजेक्ट को लॉन्च किया है।
वी केयर प्रोजेक्ट आईपीसीए की स्वैच्छिक पहल है और ईडीएमसी पर कोई वित्तीय भार नहीं डालती। यह प्लास्टिक मुक्त माहौल बनाना तो सुनिश्चित करती ही है, साथ ही इससे गाजीपुर में प्लास्टिक वेस्ट को री-साइकिल कर उपयोगी पदार्थ बनाए जा सकते हैं।
सीपीसीबी में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के निदेशक और नोडल ऑफिसर एस. के. निगम ने कहा कि प्लास्टिक की कई परतों में पैकेजिंग (एमएलपी) को एकत्र करना, उसे अलग करना, उसका ट्रीटमेंट करना और उसका डिस्पोजल करना काफी मुश्किल है। अब तक किसी संस्था को इस दिशा में सफलता नहीं मिली है। सीपीसीबी ने आईपीसीए से विचार-विमर्श के बाद एमएलपी उपभोक्ताओं, ब्रांड ओनर्स और ईडीएमसी की सहायता से एक पायलट स्टडी प्रोजेक्ट लॉन्च किया है।
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