लखनऊ, 6 जून (आईएएनएस)। निर्वासित तिब्बती संसद के उप सभापति ए. सी. फुंसूक ने मंगलवार को यहां कहा कि भारत और चीन के शासकों के बीच खुली बातचीत का लाभ तिब्बत को मिल रहा है। उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि उसकी वजह से ही पूरी दुनिया में तिब्बतियों की समस्या सुनी जा रही है।
निर्वासित तिब्बती सरकार के उप सभापति ने यहां पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि तिब्बत को जल्द से जल्द स्वायत्तता मिलनी चाहिए और दलाई लामा को तिब्बत में वापस आने की छूट मिलनी चाहिए।
फुंसूक ने कहा, “अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत ने हमेशा तिब्बतियों का साथ दिया है। तिब्बती समस्या का समाधान हिंसा नहीं, बल्कि बातचीत है। तिब्बत की संस्कृति एवं धर्म की रक्षा के लिए अब तक यहां 150 लोग अपना बलिदान दे चुके हैं।”
उन्होंने कहा कि चीन में जब ओलंपिक हुए तो वहां की मशाल को दुनियाभर के देशों में घुमाया गया, लेकिन कई देशों में उसका विरोध हुआ था। तिब्बतियों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर कई जगहों पर ओलंपिक मशाल का विरोध किया गया है।
फुंसूक ने उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि उप्र में सरकार बनने के बाद योगी ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्घालुओं को एक लाख रुपये तक की मदद देने की घोषणा की है, जो एक सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि वह पहले भी योगी से मिल चुके हैं और उम्मीद है कि आने वाले समय में वह कैलाश मानसरोवर यात्रियों एवं तिब्बती समुदाय के लिए अच्छे कदम उठाएंगे।
dharmpath.com dharmpath