कोलकाता, 13 मई (आईएएनएस)। भारत और चीन को वायु प्रदूषण जैसी साझा समस्याओं पर बातचीत करनी चाहिए। चीन के पर्यावरण संबंधी मामलों के एक विशेषज्ञ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा से ठीक पहले यह बात कही।
वुडरो विल्सन सेंटर पर चीन पर्यावरणीय फोरम की निदेशक एवं ग्लोबल चोक प्वाइंट इनीशिएटिव की प्रबंधक, जेनिफर टर्नर ने मंगलवार को यहां आईएएनएस से कहा, “यह (वायु प्रदूषण) एक साझा चुनौती है, जिसका सामना दोनों ही देश कर रहे हैं और चीन चूंकि बेहद तेजी से विकास कर रहा है, इसलिए ऊर्जा विकास और समस्याओं के परिप्रेक्ष्य में यह आपके सामने है।”
टर्नर चीन, ‘ग्लोबल चोक पॉइंट : वाटर-एनर्जी-फूड कंफ्रंटेशंस इन चाइना, यूएस एंड इंडिया’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रही थीं।
उन्होंने कहा, “भारत और चीन क्यों न एक-दूसरे से सीखें, क्योंकि दोनों के सामने चुनौतियां समान हैं।”
उन्होंने कहा, “वायु प्रदूषण का सीधा संबंध स्वास्थ्य से है और यही दोनों देशों की बातचीत का मुद्दा भी हो सकता है।”
टर्नर ने कहा, “उनके पास (चीन) बहुत सी नीतियां हैं, लेकिन बिजली के कारण यहां अब भी वायु प्रदूषण है। आपके पास 100 गिगावाट की अक्षय ऊर्जा का उद्देश्य है, मुझे नहीं पता कि भारत के पास ऐसी नीति है या नहीं।”
टर्नर ने जल प्रदूषण एवं पानी की बर्बादी की समस्या की तरफ भी ध्यान आकर्षित किया।
उन्होंने कहा, “चीन और अमेरिका अक्षय ऊर्जा के माध्यम से जल के पुनर्चक्रण की नीति अपना रहे हैं। भारत भी ऐसा कर सकता है।”
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