नई दिल्ली, 19 जून (आईएएनएस)। भारत और तंजानिया आंतकवाद से निपटने के लिए एक संयुक्त कार्यकारी समूह स्थापित करने और तंजानिया में गैस खोज में सहयोग बढ़ाने पर शुक्रवार को सहमत हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहां आए तंजानिया के राष्ट्रपति जकाया म्रिशो किकवेते के साथ बातचीत की।
दोनों देशों ने कृषि विज्ञान, सांख्यिकी, हाइड्रोग्राफी और पर्यटन क्षेत्रों में सहयोग सहित आठ समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने किकवेते के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता के लिए तंजानिया के समर्थन के प्रति धन्यवाद दिया।
मोदी ने कहा कि भारत नई दिल्ली में अक्टूबर में तीसरे भारत-अफ्रीका मंच सम्मेलन का आयोजन कर रहा है और उसने पहली बार सभी 54 अफ्रीकी देशों को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।
उन्होंने कहा, “तंजानिया, भारत-अफ्रीका भागीदारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राष्ट्रपति किकवेते ने 2008 में पहले भारत-अफ्रीका मंच सम्मेलन की सहअध्यक्षता की थी। हम इस बार भी उनके सहयोग के प्रति आश्वस्त हैं।”
मोदी ने कहा, “दोनों देशों के लिए आतंकवाद चिता का विषय है। हमने आतंकवाद से निपटने के लिए अपने सहयोग को सशक्त करने हेतु एक संयुक्त कार्यकारी समूह गठित करने पर सहमत हो गए हैं।”
मोदी ने किकवेते को आश्वस्त किया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय विकास भागीदारी जारी रहेगी।
भारत में पढ़ रहे तंजानिया के नागरिकों के बारे में मोदी ने कहा कि भारत में तंजानिया के लगभग 2,000 छात्र पढ़ते हैं।
उन्होंने कहा, “मैंने राष्ट्रपति किकवेते को बताया कि हम जल्द ही तंजानिया के लिए अपनी ई-पर्यटन वीजा योजना का विस्तार करेंगे।”
किकवेते पांच दिनों के भारत दौरे पर हैं।
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