भारत ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर किया : जेटली (राउंडअप)

नई दिल्ली/वाशिंगटन, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। भारत ने शुक्रवार को कहा कि उसने आतंकवाद पर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को पूरी दुनिया में बेनकाब कर दिया है, जो आतंकवाद का इस्तेमाल विदेशी नीति में एक औजार के तौर पर करता है और खुद को इसका पीड़ित होने का नाटक करता है।

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) तथा विश्व बैंक की बैठकों में हिस्सा लेने वाशिंगटन गए भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करारा हमला करते हुए कहा कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में आतंक का निर्यातक है और दुनिया की हर आतंकवादी घटना में कहीं न कहीं उसकी छाप होती है।

एनडीटीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में जेटली ने कहा कि पूरी दुनिया में अलग-थलग करने के भारत के प्रयास के बाद पाकिस्तान आज के दौर में क्षेत्र में अलग-थलग पड़ गया है।

उन्होंने कहा, “हर देश यही कह रहा है कि हम (इस्लामाबाद में) दक्षेस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेंगे, जो क्षेत्र में उसकी अलग-थलग पड़ने को प्रदर्शित करता है।”

वित्त मंत्री ने कहा, “अगर आप आतंकवाद का इस्तेमाल एक औजार के तौर पर करेंगे और दुनिया में घटने वाली हर आतंकवादी घटना में पाकिस्तानी छाप दिखाई पड़ेगी, तो ब्रांड पाकिस्तान की पहचान सचमुच में वैश्विक आतंकवाद के साथ होती है।”

जेटली ने कहा कि पाकिस्तान दुनिया में खुद को आतंकवाद पीड़ित होने का नाटक करता है, लेकिन ऐसा लंबे समय तक नहीं चलेगा, क्योंकि इस्लामाबाद के आतंकवाद के दोहरे चरित्र को भारत द्वारा बेनकाब करने के बाद उसकी सच्चाई सबके सामने आ गई है।

उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया में वह चिल्लाता है कि पाकिस्तान आतंकवाद पीड़ित है, लेकिन दुनिया अब यह सुनने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि जहां तक इस मामले में उनकी विश्वसनीयता का सवाल है, वह बहुत कम रह गई है।”

जम्मू एवं कश्मीर के उड़ी में भारतीय सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर आतंकवादी हमले के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध तनावपूर्ण हो गया है और सीमा पर तनाव बेहद बढ़ गया है। हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे।

इसके कुछ दिन बाद बारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादियों के लॉन्च पैड पर सर्जिकल स्ट्राइक्स को अंजाम दिया था।

बढ़ते तनाव की कड़ी में पाकिस्तान ने शुक्रवार को संसद में एक प्रस्ताव पारित कर कश्मीर के साथ एकजुटता दर्शाया और नई दिल्ली के उस दावे को खारिज किया कि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।

यह प्रस्ताव संसद के विशेष संयुक्त सत्र के तीसरे दिन पारित किया गया है। प्रस्ताव में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर से सुरक्षा बलों द्वारा ‘मानवाधिकार उल्लंघन’ की स्वतंत्र जांच करने की अपील की गई है।

अमेरिका ने गुरुवार को कहा कि कश्मीर मुद्दा भारत-पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है, जिसका समाधान दोनों देशों को मिलकर करना है, लेकिन वह चाहता है कि भारत तथा पाकिस्तान को अपने मतभेदों को शांतिपूर्वक सुलझाने के लिए काम करे।

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