नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। डीएनएस हाइजेक के जरिए 2015 में साइबर हमले का निशाना बनने वालों में भारत पांचवां सबसे बड़ा देश रहा। यह बात एफ-सिक्योर की थ्रीट राउंड अप रिपोर्ट में कही गई है।
फिनलैंड की ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता कंपनी एफ-सिक्योर की रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में हाईजेक के सर्वाधिक मामले क्रमश: इटली, पोलैंड, मिस्र, स्वीडन और भारत में दर्ज किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आज साइबर हमले में डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) हाइजैक किस्म के काफी हमले हो रहे हैं। 2015 के बसंत और ग्रीष्म के मौसम में और खासकर अप्रैल से अगस्त के बीच ये हमले काफी अधिक दर्ज किए गए।
डीएनएस हाइजेक का मकसद अपने शिकार का डीएनएस कनफिगरेशन बदल देना है, ताकि उसके इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रखा जा सके और उसमें बदलाव किया जा सके।
रिपोर्ट के मुताबिक कमजोर पासवर्ड और मलवेयर से ऐसे हाइजेक आसान हो जाते हैं।
डीएनएस हाइजैक प्रणाली के माध्यम से हमलावर एक साथ अनेक शिकारों से संपर्क साध सकते हैं।
एफ-सिक्योर ने हाल में अभिभावकों को बच्चों के लिए बनाए गए इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) खिलौने से संबंधित जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की है।
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