भारत-पाकिस्तान सीमा 2 वर्षो में पूरी तरह सील होगी : राजनाथ

चंडीगढ़/नई दिल्ली, 17 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि पाकिस्तान के साथ लगने वाली अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) को वस्तुगत/गैर वस्तुगत अवरोधकों द्वारा दिसंबर, 2018 तक पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा।

चंडीगढ़ में सोमवार को आयोजित क्षेत्रीय संपादक सम्मेलन में सिंह ने कहा कि दोनों देशों के बीच 181.85 किलोमीटर लंबी सीमा ऐसी है, जिसमें नदियों के तटवर्ती क्षेत्र, नाले, दलदल जैसी भौगोलिक बाधाओं के कारण बाड़ लगाना संभव नहीं है। ऐसे क्षेत्रों में कैमरा, सेंसर, राडार, लेजर जैसी अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) जम्मू एवं कश्मीर, पंजाब और गुजरात पायलट के जरिए उपलब्ध इस तकनीक का परीक्षण कर रहा है।

राजनाथ ने कहा कि सीमा सुरक्षा एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और भारत-पाकिस्तान को छोड़कर सभी पड़ोसी देशों से सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए कूटनीतिक तौर पर बातचीत कर रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यो की वजह से चीन से लगी सीमा पर अपराध की घटनाओं में काफी कमी आई है।

राजनाथ ने सीमाओं को मित्रता, सक्रिय और सामरिक सीमाओं के रूप में वर्गीकृत किया। हालिया सर्जिकल कार्रवाई का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि यह पाकिस्तान के खिलाफ एक पूर्व नियोजित कार्रवाई थी और भारत की पाकिस्तान के लोगों के खिलाफ कोई दुर्भावना नहीं है।

गृहमंत्री ने कहा, “पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी नीति बना लिया है और वह आतंकवादियों को शरण दे रहा है। यही कारण है कि वह न केवल दक्षिण एशिया में अलग-थलग पड़ रहा है, बल्कि विश्व धरातल पर भी वह अलग-थलग पड़ चुका है।”

उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर सहित पाकिस्तान के साथ आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को ‘आतंक की फैक्ट्री’ बंद करनी चाहिए, ताकि दक्षिण एशिया में विकास का दरवाजा खुले और शांति सुनिश्चित करने में मदद मिले।

पूर्वोत्तर में उग्रवाद की घटनाओं के बारे में सिंह ने कहा, “सरकार लगातार सभी समूहों के साथ बातचीत कर रही है और इस तरह की घटनाओं में कमी आई है। इसी प्रकार, वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में भी तेजी से कमी आई है, क्योंकि विकास के मुद्दे के साथ सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई के जरिए सरकार ने दो आयामी दृष्टिकोण अपनाए हैं।”

गृहमंत्री ने कहा, “मुम्बई हमले के बाद तटीय सुरक्षा को उच्च प्राथमिकता दी गई है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद तटीय सुरक्षा का तीसरा चरण बहुत जल्द सामने आ जाएगा। यह हमारी विशाल तटीय सेना की रक्षा के लिए मदद करेगा।”

राजनाथ ने कहा, “केंद्र सरकार कश्मीर में शांति कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है। जल्द ही राज्य में हालात सामान्य हो जाएंगे।” मीडिया के एक प्रश्न का जवाब देते हुए राजनाथ ने कहा कि भारत में कट्टरता की बड़ी चुनौती नहीं है, क्योंकि लोग इस मुद्दे के प्रति बहुत समझदारी भरा दृष्टिकोण रखते हैं।

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