कुआलालंपुर, 23 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और मलेशिया ने सोमवार को विभिन्न स्तरों पर नियमित वार्ता द्वारा सैन्य आदान-प्रदान बढ़ाने पर सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री नजीब रजाक के बीच बातचीत के बाद मलेशिया-भारत सामरिक साझेदारी बढ़ाने पर एक संयुक्त बयान में यह घोषणा की गई।
सिंगापुर रवाना होने से पहले सोमवार को मोदी की मलेशिया यात्रा समाप्त हुई।
बयान के मुताबिक, रक्षा संबंधी आदान-प्रदान रक्षा मंत्रियों, वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों, सशस्त्र सेनाओं के प्रमुखों और सैन्यकर्मियों से सैन्यकर्मियों के बीच वार्ताओं के माध्यम से किया जाएगा।
दोनों देशों ने रक्षा सचिव और महासचिव स्तर पर भी अगला भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग बैठक आयोजित करने पर भी सहमति जताई।
दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में आपसी हित की परियोजनाओं पर संयुक्त समन्वय बढ़ाने का भी फैसला किया।
बयान के मुताबिक, दोनों देश भारतीय तट रक्षक और मलेशियाई समुद्री प्रवर्तन एजेंसी के प्रमुखों के बीच वार्षिक वार्ताएं करेंगे।
दोनों देशों ने हर रूप में आतंकवाद की कड़ी निंदा की।
दोनों देशों ने सभी राज्यों को आतंकवाद को अस्वीकार करने और आतंकवाद के दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की जरूरत पर बल दिया और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों के बीच जारी सहयोग का स्वागत किया। साथ ही इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
दोनों देशों ने आतंकवाद के साथ ही अन्य पारंपरिक और गैर-पारंपरिक खतरों से उपजी चुनौतियों से निपटने के लिए जानकारी और सर्वश्रेष्ठ उपायों का आदान-प्रदान जारी रखने पर भी सहमति जताई।
दोनों देश सजायाफ्ता कैदियों को एक-दूसरे के कारागारों में हस्तांतरण के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए वार्ता आगे बढ़ाने पर भी सहमत हुए।
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