इम्फाल, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर में नागाओं के सर्वोच्च सामाजिक संगठन, युनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने भारत और म्यांमार के बीच बाड़ लगाए जाने का शनिवार को विरोध किया, और नागाओं से इसका विरोध करने का आग्रह किया।
इम्फाल, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर में नागाओं के सर्वोच्च सामाजिक संगठन, युनाइटेड नागा काउंसिल (यूएनसी) ने भारत और म्यांमार के बीच बाड़ लगाए जाने का शनिवार को विरोध किया, और नागाओं से इसका विरोध करने का आग्रह किया।
यूएनसी के महासचिव मिलन शिमरी ने इस कदम को नागा लोगों पर बड़ा अन्याय करार दिया और कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने का यह कदम नागा परिवार के बीच आपस में बातचीत करने के अधिकार से वंचित कर देगा।
शिमरी ने कहा कि भारत सरकार की यह विभाजनकारी नीति नागा परिवार के बीच दूरी पैदा कर देगी, इसके साथ ही उन्होंने इस कदम को विफल करने के लिए हर किसी को आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “सभी नागाओं को इसका विरोध करना चाहिए, क्योंकि सीमा पर इस बाड़ से नागा लोगों के अधिकारों पर अतिक्रमण होता है।”
बाड़ लगाने का काम इस समय नागालैंड के तुएनसांग जिले में दूरवर्ती पांगशा गांव में जारी है।
इसके पहले एनएससीएन (आईएम), एनएससीएन (के), ईस्टर्न नागा पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन (ईएनपीओ) और नागलैंड के कई अन्य सामाजिक संगठनों ने नागालैंड में भारत-म्यांमार सीमा पर बाड़ लगाने के कदम का विरोध किया है।
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