नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। श्रीलंका के अंबेपुस्सा स्थित सिन्हा रेजिमेंटल सेंटर में भारत तथा श्रीलंका संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
एक बयान के मुताबिक, संयुक्त अभ्यास का मकसद आतंकवाद रोधी अभियानों में पारस्परिकता को बढ़ाना है।
सोमवार से शुरू हुआ सैन्य अभ्यास (मैत्री शक्ति 2016) छह नवंबर तक चलेगा। यह चौथा सैन्य अभ्यास है।
बयान के मुताबिक, “इस संयुक्त अभ्यास का मुख्य उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के शासनादेश के तहत उग्रवाद व आतंकवाद रोधी अभियानों के दौरान पारस्परिकता बढ़ाना है। इस उद्देश्य के लिए 14 दिनों का एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है।”
बीते 23 अक्टूबर को श्रीलंका पहुंची भारतीय सेना की टुकड़ी में राजपूताना राइफल्स का छोटा सैन्य दस्ता है और श्रीलंका सेना में सिन्हा रेजिमेंट के सैनिक हैं।
बयान के मुताबिक, उद्घाटन समारोह सोमवार को हुआ, जिसमें दोनों देशों की सैन्य टुकड़ियों के सैनिकों ने शिष्टाचार परेड में हिस्सा लिया।
सैन्य अभ्यास के प्रारंभिक दो चरणों में दोनों देशों के सैनिक इस तरह के अभियानों की कार्यप्रणाली, एक दूसरे के हथियारों तथा उपकरण, कमान व नियंत्रण प्रणाली से अवगत होंगे।
इसके बाद, उग्रवाद व आतंकवाद रोधी अभियानों को अंजाम देने को लेकर पारस्परिकता बढ़ाने के लिए वे रणनीतिक समझ की ओर अग्रसर होंगे।
श्रीलंका सेना के साथ अंतिम सैन्य अभ्यास सितंबर 2015 में पुणे में हुआ था।
मित्र शक्ति श्रृंखला का द्विपक्षीय अभ्यास भारत व श्रीलंका के बीच महत्वपूर्ण रक्षा सहयोग पहलों में से एक है।
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