दार्जिलिंग, 30 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के अलिपुरद्वार जिले में भूटान सीमा के नजदीक रविवार को अलग गोरखालैंड राज्य की मांग कर रहे कार्यकर्ता और पुलिस के बीच झड़प हो गई।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) नेतृत्व के अनुसार, गोरखालैंड आंदोलन के समर्थन में पूरी दुनिया में रविवार को गोरखा समुदाय द्वारा मनाए जा रहे ‘ग्लोबल रैली फॉर गोरखालैंड’ के तहत जयगांव में निकाली गई रैली को पुलिस ने रोक दिया, जिसके बाद गोरखालैंड कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हुई।
जीजेएम के सहायक महासचिव बिनय तमांग ने आईएएनएस को बताया, “हमारे कार्यकर्ताओं को ‘ग्लोबल रैली फॉर गोरखालैंड’ दिवस पर जयगांव में रैली निकालने से रोक दिया गया। अब हमें प्रशासन दबा नहीं पाएगी। पूरी दुनिया के गोरखा हमारे साथ हैं।”
उन्होंने कहा, “गोरखालैंड आंदोलन के समर्थन में पूरे दिन ग्लोबल रैली फॉर गोरखालैंड मनाया गया। इंग्लैंड सहित यूरोप के विभिन्न हिस्सों में, आस्ट्रेलिया, थाईलैंड और भारत के करीब सभी बड़े शहरों में रैलियां निकाली गईं।”
केंद्र सरकार पर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का आरोप लगाते हुए जीजेएम नेतृत्व ने शनिवार को चेतावनी दी थी कि अगर 10 दिन में कोई हल नहीं निकाला गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे तथा देश के मैदानी हिस्सों में भी आंदोलन को विस्तार देंगे।
तमांग ने कहा, “हमने केंद्र सरकार को कुछ ठोस कदम उठाने के लिए 10 दिन की मोहलत देने का फैसला किया है। अगर वे इसके बाद भी मूकदर्शक बने रहे तो आठ अगस्त के बाद हम फिर से अपना आंदोलन तेज करेंगे और इसे तराई और दुआर इलाकों में भी ले जाएंगे।”
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