शुक्रवार को प्रकाशित इस रपट के मुताबिक, 26 मई को इटली के तट पर शरणार्थियों से भरी एक नौका पलट गई। तीन जून को क्रेटे द्वीप के पास भी सैकड़ों शरणार्थियों से भरी एक अन्य नौका पलट गई।
अंतर्राष्ट्रीय शरणार्थी संगठन के मुताबिक, इस साल 2,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि में 1,800 लोगों की मौत हुई थी।
रपट में कहा गया है कि यूरोप और उत्तरी अफ्रीका में अधिकांश के लिए सवाल यह है कि आखिर ईयू ने समुद्र में हो रही मौतों को रोकने के लिए कोई व्यवस्थित समाधान तैयार क्यों नहीं किया है।
लीबिया नौसेना के एक प्रवक्ता अयूब गासिम ने शुक्रवार को कहा कि ईयू के नेता मृतकों के शव गिनने के सिवा कुछ नहीं कर रहे हैं।
लीबिया और सीरिया में ईयू के पूर्व राजदूत मार्क पियरिनी ने कहा कि ईयू के पास अपनी सीमा नियंत्रण एजेंसी ‘फ्रंटेक्स’ की मदद करने के लिए न तो कोई जहाज है और न ही निगरानी उपकरण है। वह इन्हें उपलब्ध कराने के लिए सदस्य देशों पर निर्भर है।
उन्होंने कहा, “हम अस्थायी समाधान की समस्या से जूझ रहे हैं और मूलत: खामियों को ढक रहे हैं। वे संख्या को कम रखने की बात करते हैं”
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