नई दिल्ली, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को साल 2005 में कथित तौर पर एक प्लॉट के आवंटन के मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया। एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
जांच एजेंसी ने मामले की जांच का जिम्मा हरियाणा सतर्कता विभाग से लिया था और बुधवार को आपराधिक षड्यंत्र, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी तथा सरकारी सेवक द्वारा आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने के आरोपों तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
प्राथमिकी के मुताबिक, 22 दिसंबर, 2016 को हरियाणा सरकार के आग्रह तथा 27 जनवरी, 2017 को केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद एजेंसी ने मामला दर्ज किया।
सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, “हमने हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकार) के तत्कालीन प्रशासक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विभाग के तीन अन्य अधिकारी, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड तथा अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।”
अधिकारी ने कहा कि हरियाणा सरकार के उपसचिव मदन लाल खुराना (सतर्कता) की अनुशंसा के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने कहा, “बंद हो चुके समाचार पत्र नेशनल हेराल्ड के प्रकाशक एजेएल को 24 अगस्त, 1984 को प्लॉट आवंटित किया गया था, जिसमें दो साल के भीतर निर्माण पूरा करने की शर्त लगाई गई थी। लेकिन समय सीमा के अंदर निर्माण न होने पर प्लॉट को 30 अक्टूबर, 1992 को वापस ले लिया गया।”
प्राथमिकी के मुताबिक, “कंपनी ने इस पर विचार करने की मांग की, जिसे 1996 में खारिज कर दिया गया। लेकिन हुड्डा के सत्ता में आने पर सभी नीतियों तथा हुडा के अधिकारियों द्वारा दी गई सलाह को ताक पर रखते हुए वापस लिए गए प्लॉट को 28 अगस्त, 2005 को एक बार फिर कंपनी को आवंटित कर दिया गया। उस वक्त हुडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा थे।”
हरियाणा राज्य सतर्कता ब्यूरो ने हुड्डा तथा चार अन्य अधिकारियों के खिलाफ पांच मई, 2016 को धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया था।
सतर्कता ब्यूरो ने अपनी जांच में पाया कि पंचकुला के सेक्टर छह में इंस्ट्यिूशनल प्लॉट संख्या सी-17 को मनमाने तरीके से हुड्डा ने दोबारा आवंटित किया और इसमें नियमों का पूर्णत: उल्लंघन हुआ और सरकार को नुकसान हुआ।
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