इंफाल, 10 जुलाई (आईएएनएस)। नागालैंड की राजधानी कोहिमा के निकट रविवार को हुए एक भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 अवरुद्ध हो गया, जिससे देश के अन्य भागों से मणिपुर का सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया।
कोहिमा से एक अधिकारी ने फोन पर आईएएनएस से कहा, “सड़क पर से मलबा हटाने के लिए सभी उपलब्ध कर्मियों और यंत्रों का उपयोग किया जा रहा है।”
देश के अन्य भागों और राज्य के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 एवं राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 37 दो मुख्य सड़क संपर्क माध्यम हैं।
हालांकि पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा हो रही है, इसलिए डर है कि और भी भूस्खलन हो सकते हैं।
असम के अधिकांश भागों में पानी भर गया है और लोग राज्य सरकार द्वारा स्थापित शिविरों में शरण ले रहे हैं।
मणिपुर के कई गांव, चंदेल और उखरुल जिलों के क्रमश: चंदोंग व रिहा गांव में धान के खेत और जन सुविधाएं पानी में डूब गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मापीथल बांध भर जाने की वजह से बाढ़ की यह स्थिति बनी है।
कुछ ग्रामीणों ने कहा, “गिरजाघरों और स्कूलों में बाढ़ का पानी भर गया है और चंदोंग गांव पूरी तरह से पानी में डूब गया है। खेती पूरी तरह बर्बाद हो गई है।”
हालांकि सरकारी सूत्रों ने आईएएनएस से कहा कि चंदोंग के ग्रामीणों को 15 लाख रुपये प्रति परिवार के हिसाब से क्षतिपूर्ति दी गई है। इसके अलावा नया गांव बसाने के लिए उन्हें वैकल्पिक स्थल भी दिया गया है।
अब तक नदी के तटबंधों की मरम्मत नहीं होने से इंफाल पूर्वी जिले के कुछ गांवों और धान के खेतों में बाढ़ का पानी भर गया है।
सेनापति जिले के सदर पहाड़ी अनुमंडल के लेईलोन-लेईमाखोंग सड़क पर कई पुलिया के क्षतिग्रस्त होने से इस सड़क पर वाहन नहीं चल पा रहे हैं।
गत एक जुलाई से इस अनुमंडल के 30 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों को आवश्यक वस्तुओं और दवाओं की कमी का सामना कर पड़ रहा है।
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