भोपाल, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के शारदा विहार आवासीय विद्यालय में गुरुवार से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक शुरू हो गई। इस बैठक में आगामी तीन साल की कार्ययोजना बनाई जाएगी।
संघ की आज सुबह बैठक का विधिवत शुभारंभ सरसंघचालक डा़ॅ मोहन भागवत और सरकार्यवाह सुरेश भैयाजी जोशी ने किया। उन्होंने भारत माता की प्रतिमा का पूजन किया। जहां यह बैठक हो रही है, उस सभागार को गुरुगोविंद सिंह सभागार नाम दिया गया है।
यह बैठक तीन दिन यानी 14 अक्टूबर तक चलेगी। इस बैठक में 11 क्षेत्रों के अधिकारी और 42 प्रांतों के प्रचारक हिस्सा ले रहे हैं। कुल मिलाकर 350 प्रतिनिधियों की उपस्थिति है। अखिल भारतीय पदाधिकारी, क्षेत्रों एवं प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक आगामी तीन दिन में संघ की तीन वर्ष की कार्य योजना, कार्य विस्तार और ²ढ़ीकरण पर विचार-मंथन करेंगे।
सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने बताया कि कार्यकारी मंडल की इस बैठक में संघ की आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यकारी मंडल की रचना तीन वर्ष के लिए होती है। मार्च-2018 में यह तीन वर्ष पूरे हो रहे हैं, इसलिए कार्यकारी मंडल की रचना के संबंध में भी विचार किया जाएगा, जिसे मार्च-2018 में होने वाली प्रतिनिधि सभा की बैठक में अंतिम स्वरूप दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बैठक में संघ के कार्य विस्तार, वर्तमान में चल रहे कार्यो का वृत्त एवं कार्यो की उपलब्धि का वृत्त प्रस्तुत किया जाएगा। पिछले छह माह के कार्य की समीक्षा होगी। बैठक में संघ शिक्षा वर्ग (कार्यकर्ता प्रशिक्षण वर्ग) के संबंध में भी चर्चा होगी।
उन्होंने दावा किया कि संघ का कार्य लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष संघ की शाखा के स्थान में लगभग 550 की वृद्धि हुई है। वर्तमान में 34 हजार से अधिक स्थानों पर प्रतिदिन शाखा और 15 हजार से अधिक स्थानों पर साप्ताहिक मिलन संचालित हो रहे हैं। इस तरह लगभग 49 हजार 493 स्थानों पर शाखा और मिलन के माध्यम से समाज में संघ कार्य चल रहा है।
होसबोले ने बताया कि समाज में संघ कार्य बढ़ा है। संघ कार्य के विस्तार में युवाओं की बड़ी भूमिका है। संघ का एक प्रकल्प है ज्वाइन आरएसएस, इसके माध्यम से बड़ी संख्या में टेक्नोसेवी युवा संघ से जुड़ रहे हैं। ‘ज्वाइन आरएसएस’ के माध्यम से जुड़ने वाले युवाओं की संख्या में 2015 की तुलना में 2016 में 48 प्रतिशत और 2017 में 52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। ये सभी आंकड़े जनवरी से जून तक के हैं। इनमें 20 से 35 आयु वर्ग की संख्या अधिक है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, इस बैठक में वनवासी कल्याण आश्रम, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विश्व हिंदू परिषद, किसान संघ, विद्या भारती और भाजपा के राष्ट्रीय के पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं।
इस बैठक में केरल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं पर हमले, रोहिंग्या मुसलमान, केंद्र सरकार की उपलब्धियां, आगामी विधानसभा चुनाव पर गहन विचार मंथन के आसार हैं। विधानसभा के चुनावों में गुजरात सबसे अहम है, क्योंकि यह लगभग डेढ़ दशक बाद ऐसा चुनाव है, जब वहां के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं हैं। यह चुनाव अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की अगली बैठक से पहले हो जाएंगे। मंडल की साल में दो बैठक मार्च और अक्टूबर में होती हैं।
आयोजन स्थल पर एक प्रदर्शनी लगी है- ‘धरोहर’। प्रदर्शनी महापुरुषों के जीवन दर्शन पर केंद्रित है, जिसका उद्घाटन सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी ने किया। प्रदर्शनी में पद्मभूषण कुशोक बकुल रिनपोछे के जीवन दर्शन को दिखाया गया है। यह उनका जन्मशताब्दी वर्ष है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में शिक्षा के प्रसार और समाज सुधार के लिए महत्वपूर्ण कार्य किया। इसके साथ ही 350वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरु गोविंद सिंह और 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में भगिनी निवेदिता के जीवन दर्शन को भी प्रदर्शित किया गया है। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के संबंध में भी चित्र प्रदर्शित किए गए हैं।
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