भोपाल, 6 नवंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की राजधानी में एक नवंबर की रात कोचिंग से लौट रही एक छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के विरोध में सोमवार की शाम छात्र-छात्राओं ने कैंडल मार्च निकाला। अधिकांश छात्र काले कपड़े पहने हुए थे।
राजधानी के बोर्ड आफिस चौराहे से निकाले गए कैंडल मार्च में सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मार्च में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लिए हुए थे और सुरक्षा में लापरवाही के नारे लगा रहे थे।
कैंडल मार्च में शामिल छात्राओं ने कहा कि राजधानी में अब वे अपने को असुरक्षित महसूस करने लगी हैं, इसलिए महिला पुलिस चौकी स्थापित करने के साथ ‘डायल 100’ में महिला कांस्टेबल की नियुक्त की जाए।
यह कैंडल मार्च रेलवे ट्रैक के पास उसी जगह पहुंचकर खत्म हुआ, जहां शक्ति (काल्पनिक नाम) के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।
एक नवंबर की रात कोचिंग से लौट रही पुलिस दंपति की बेटी से चार लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था और उसके बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी की। साथ ही उसे एक से दूसरे थाने भगाया गया, रिपोर्ट दर्ज कराने में दो दिन लग गए। इस मामले के तूल पकड़ने पर तीन थाना प्रभारी व दो सब इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया है।
वहीं एमपी नगर के नगर पुलिस अधीक्षक, भोपाल के पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक (रेलवे) का तबादला किया जा चुका है।
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