मंत्रि-परिषद के सदस्यों को नगद रहित व्यवहारों के विकल्प की दी गई जानकारी

%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%a6भोपाल : प्रदेश में नगद रहित व्यवहारों को जन-सामान्य में लोकप्रिय बनाने के लिये बैंकर्स द्वारा लगातार नये विकल्प प्रस्तुत किये जा रहे हैं। इन विकल्पों की जानकारी आज मंत्रालय में वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया की उपस्थिति में मंत्रि-परिषद के सदस्यों को दी गई। प्रस्तुतिकरण राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के संयोजक श्री अजय व्यास द्वारा दिया गया।

प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि कैशलेस लेन-देन के पाँच आसान तरीके हैं। इनमें यूनीफाइड पेमेंट सिस्टम, स्मार्ट-फोन के माध्यम से, यूएसएसडी, सामान्य मोबाइल के माध्यम से व्यवहार में लाया जा सकता है। इसके अलावा ई-वॉलेट (बटुआ), आधार सक्षम भुगतान प्रणाली (एईपीएस) और कार्डस एवं पाइंट ऑफ सेल (पीओएस) शामिल हैं।

बताया गया कि यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) एप केन्द्र सरकार ने तैयार किया है। इस एप में सभी बैंक को एक प्लेटफार्म पर लाया गया है। एप के माध्यम से एक रुपये से एक लाख रुपये तक का भुगतान एक दिन में किये जाने की सुविधा दी गयी है। एप में भेजने वाले और प्राप्त करने वाले को अपने खाते की जानकारी शेयर करना जरूरी नहीं है। केवल पेमेंट एड्रेस शेयर करना जरूरी होता है। एप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसी भी बैंक का खाता किसी भी बैंक के यूपीआई एप से जोड़ा जा सकता है। एप के लिये इंटरनेट की सुविधा और स्मार्ट-फोन का होना जरूरी है। बैंक खाता एवं डेबिट-कार्ड की जानकारी केवल पंजीयन के समय जरूरी होती है। एप में मोबाइल नम्बर बैंक खाते से जुड़ा होना जरूरी है। मंत्रि-परिषद के सदस्यों को यूपीआई एप्लीकेशन डाउनलोड और उपयोग की जानकारी देने के लिये वीडियो फिल्म दिखायी गयी।

कैशलेस ट्रांजेक्शन में यूएसएसडी के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गयी। एप ग्रामीण क्षेत्र के लिये विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसके लिये स्मार्ट-फोन और नेट होने की जरूरत नहीं है! एप केवल मेसेज पर काम करता है। उपभोक्ता एक दिन में अधिकतम 5 हजार रुपये तक का लेन-देन कर सकते हैं।

ई-बटुआ को स्मार्ट-फोन से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके लिये पिन नम्बर तैयार किया जाता है और इसे गोपनीय रखा जाता है। ई-बटुए के लिये राशि खाते या कार्ड से लोड की जा सकती है।

आधार नम्बर से भुगतान प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी गयी। इसमें आधार नम्बर का ग्राहक के बैंक खाते से सीडिंग का कार्य किया जा रहा है। आधार आधारित लेन-देन के लिये ग्राहक द्वारा बैंक मित्र से सम्पर्क कर अपना आधार नम्बर माइक्रो एटीएम में दर्ज करवाना होगा। लेन-देन की प्रक्रिया पूरी होने पर रसीद प्राप्त किये जाने की भी सुविधा है। लेन-देन पूरा होने पर माइक्रो एटीएम आवाज के माध्यम से सूचना मिलती है।

मंत्रि-परिषद के सदस्यों को पाइंट ऑफ सेल डिवाइस की लेन-देन की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।

 

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