पटना, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले लालू प्रसाद यादव के पसंदीदा भोजन में ऐसे तो प्रारंभ से ही बहते पानी खासकर सोन नदी की मछली शामिल रही है परंतु पिछले 15 दिनों से लालू पूर्णरूप से शाकाहारी हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने मांस-मछली को छुआ तक नहीं है।
पटना, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष और बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले लालू प्रसाद यादव के पसंदीदा भोजन में ऐसे तो प्रारंभ से ही बहते पानी खासकर सोन नदी की मछली शामिल रही है परंतु पिछले 15 दिनों से लालू पूर्णरूप से शाकाहारी हो गए हैं। इस दौरान उन्होंने मांस-मछली को छुआ तक नहीं है।
राजद अध्यक्ष लालू के एक करीबी नेता का दावा है कि लालू ज्योतिषीय परामर्श के बाद शाकाहारी हो गए हैं और उन्होंने मांसाहार का त्याग कर दिया है। लालू न केवल शाकाहारी भोजन कर रहे हैं बल्कि ज्योतिषीय परामर्श को अपने जीवन में कड़ाई से उतार रहे हैं।
नेता का दावा है कि लालू ने पिछले 15 दिनों से मांस-मछली को हाथ तक नहीं लगाया है।
कहा जा रहा है कि राजद प्रवक्ता और ज्योतिषी शंकर चरण त्रिपाठी ने लालू को ऐसा करने की सलाह दी है।
राजद के एक नेता ने नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, “त्रिपाठी ने अध्यक्ष लालू प्रसाद को सलाह दी है कि वे मांसाहार छोड़ दें, तब उन्हें सभी तात्कालिक समस्याओं से मुक्ति मिलेगी। बाबा ने लालू प्रसाद को कहा है कि भगवान शिव के समक्ष ली गई शपथ को भंग करना उचित नहीं है, इसलिए उन्हें तत्काल मांसाहार छोड़ देना चाहिए।”
उल्लेखनीय है कि लालू कुछ वर्ष पूर्व भी मांसाहार छोड चुके थे, परंतु फिर से उन्होंने मछली और अंडा खाना प्रारंभ कर दिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि भगवान शिव ने स्वप्न में मांसाहार नहीं करने की बात कही थी। लालू के नजदीकी लोगों का कहना है कि लालू मछली खुद बनाकर भी खाते रहे हैं।
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