ठाणे (महाराष्ट्र), 24 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र में दो मछुआरों ने जाल तो मछलियों के लिए डाला था, लेकिन जब उसे बाहर निकाला तो उसमें 100 किलोग्राम के अजगर को फंसा पाया। जाल निकालने से पहले महेश पाटील और गोकुल पाटील नामक मछुआरों को अंदाजा भी नहीं था कि उनके जाल में फंसी भारी-भरकम चीज मछली नहीं अजगर है।
तीन मीटर लंबे अजगर की पहचान बाद में भारतीय रॉक पायथन के रूप में हुई है। 100 किलोग्राम वजनी यह सांप बुधवार को भारी बारिश के बाद किसी तरह जाल में फंस गया था।
मामला गुरुवार दोपहर का है। जाल में अजगर को फंसा देख दोनों मछुआरे डर गए और अचंभित भी हुए। दोनों ने तुरंत जाल को दोबारा मटमैले पानी में फेक दिया और मदद के लिए तट पर लौट आए। दोनों मछुआरे ठाणे जिला स्थित भिवंडी के रहने वाले हैं।
इस दौरान भारी संख्या में मछुआरे भारी भरकम अजगर की एक झलक पाने के लिए इकट्ठा हो गए।
इसके तुरंत बाद स्थानीय सर्प विशेषज्ञ किशोर गायकवाड़ अपने सहयोगी हितेश मेहता के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। किशोर पास के डूंग गांव के निवासी हैं।
किशोर ने आईएएनएस से कहा, “हमने पानी में से भारी भरकम अजगर को जाल सहित बाहर निकाला। वह डरा हुआ था और गुस्से में भी था, लेकिन हमने उसे सावधानीपूर्वक शांत कराया।”
सर्प विशेषज्ञों ने बाद में अजगर का पूरी तरह से निरीक्षण किया। हालांकि अजगर के शरीर पर किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले। बाद में सांप की लंबाई नापी गई और उसका वजन किया गया।
उत्सुक मछुआरों और अन्य गांववालों की सहायता से किशोर अजगर को पास के पेट्रोल पंप पर ले गए और वहां से उसे बोरीबली (मुंबई) के संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान भेज दिया गया।
किशोर ने कहा, “यह एक भारतीय रॉक पायथन प्रजाति का अजगर था, जो पानी में नहीं रह सकता। सौभाग्य से वह जाल में बने एक छेद से अपना मुंह बाहर निकालकर सांस लेता रहा।”
हितेश मेहता ने कहा कि सांप संभवत: बुधवार को क्षेत्र में हुई भारी बारिश में बहकर आ गया होगा। बुधवार को मुंबई में 40-50 सेंटीमीटर बारिश हुई थी।
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