नई दिल्ली, 24 जुलाई (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व प्रमुख ललित मोदी के साथ संबंधों को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तथा राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) घोटाले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यसभा में शुक्रवार को भी हंगामा हुआ। हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंतत: सदन को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया।
ऊपरी सदन में सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच गरमागर्म बहस देखने को मिली। दोनों पक्षों की बहस के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई।
विपक्ष के हंगामे के कारण कोई सांसद अपने विषय नहीं उठा पाया।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि नोटिस दिया गया है। ललित से भाजपा के दो नेताओं के संबंधों को लेकर उन्होंने सवाल किया, “ललित की मदद करने को किसने कहा था? सरकार सुषमा और वसुंधरा को पद से हटा रही है या नहीं?”
कांग्रेस सदस्य इसके बाद नारेबाजी करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के इस्तीफे की मांग करने लगे, वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सदन में चर्चा कराने पर जोर दिया।
विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप सत्तापक्ष पर लगाया और कहा कि उनके अड़ियल रवैये के कारण ऐसा हो रहा है।
इस हंगामे के बीच उपसभापति पी.जे.कुरियन ने सदन की कार्यवाही दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी।
कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी यही स्थिति रही। सभापति एम.हामिद अंसारी ने विपक्षी सदस्यों से लगातार अनुरोध किया कि प्रश्नकाल चलने दिया जाए। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा, जिसे देखते हुए उन्होंने सदन की कार्यवाही पहले अपराह्न 2.30 बजे और फिर दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
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