इम्फाल/शिलांग, 4 जनवरी (आईएएनएस)। मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में सोमवार तड़के भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए, जिसमें सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.7 मापी गई। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, भूकंप सुबह 4.35 बजे आया, जिसका केंद्र मणिपुर के तामेंगलांग जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में था। भूकंप के झटके मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में भी महसूस किए गए।
मेघालय के क्षेत्रीय भूकंप केंद्र के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत के अतिरिक्त आसपास के देशों म्यांमार, बांग्लादेश और भूटान में भी सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए।
मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्रिमंडल बैठक बुलाई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य और आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के बाद की स्थिति की जानकारी लेने के लिए मणिपुर के मुख्यमंत्री से फोन पर चर्चा की।
मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की और उनसे स्थिति पर नजर रखने को कहा। राजनाथ इस समय असम में हैं।
आपदा प्रबंधन के समन्वयक सरत दास ने आईएएनएस को बताया कि मणिपुर में भूकंप से सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक घायल हो गए।
पुलिस महानिरीक्षक क्ले खोंगसाई ने आईएएनएस को बताया, “भूकंप से सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन बचाव कार्यो में लगा हुआ है।”
इधर, इम्फाल में चार से छह मंजिला इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई वाहन और सामान भी नष्ट हो गए हैं।
ख्रोंगसाई ने बताया कि मणिपुर में महिलाओं के लिए लोकप्रिय एमा बाजार क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे चारों ओर से घेर लिया गया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम किसी को बाजार में प्रवेश नहीं करने देंगे।”
मणिपुर सरकार के मंत्री के. रतन और अन्य अधिकारी भूकंप से हुए नुकसान की जांच कर रहे हैं। यह भूकंप पिछले 50 साल के भयावह भूकंपों में से एक है।
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