मणिपुर के मुख्यमंत्री इस्तीफा दें : भाजपा

इंफाल, 31 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी की राज्य इकाई ने कहा है कि एक पुलिसकर्मी ने ‘स्वीकार किया है’ कि उसने 2009 में एक निहत्थे युवक की फर्जी मुठभेड़ में हत्या की थी। पार्टी ने कहा है कि मुख्यमंत्री को घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।

भाजपा की मणिपुर इकाई के अध्यक्ष थौनाओजाम चाओबा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इबोबी सिंह को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वह आधिकारिक दस्तावेजों से अब छेड़छाड़ नहीं कर सकते, क्योंकि इसकी प्रतियां सर्वोच्च न्यायालय सहित अदालतों के पास सुरक्षित हैं।”

23 जुलाई, 2009 की इस घटना के समय इबोबी सिंह राज्य के गृहमंत्री थे। विद्रोही संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का सदस्य होने के संदेह में संजीत मैतेई (22) को दवा की एक दुकान में गोली मार दी गई थी।

मणिपुर पुलिस के हेड कांस्टेबल थौनाओजाम हेरोजीत ने 25 जनवरी को कहा कि उसने इंफाल पश्चिम के तत्कालीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अकोइजाम झालाझीत के आदेश पर निहत्थे संजीत की गोली मारकर जान ली थी। उससे कहा गया था कि संजीत को ‘खत्म कर दो।’

झालाझीत ने कांस्टेबल के आरोपों को गलत बताया है।

पुलिस ने इस घटना को मुठभेड़ बताया था। इसमें एक युवा गृहिणी रबीना की भी मौत हो गई थी। वह अपने तीन साल के बच्चे को लेकर अपने पति से मिलने जा रही थी, और उस दौरान वह बुरी तरह जख्मी हो गई थी।

चाओबा ने कहा कि भाजपा का मानना है कि कांग्रेस सरकार के मुखिया इबोबी सिंह को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि झालाझीत को तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।

चाओबा ने कहा कि भाजपा इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या तत्कालीन पुलिस महानिदेशक युमनाम जॉयकुमार भी इस घटना में शामिल थे। चाओबा ने कहा कि जॉयकुमार का नाम भी इस घटना में सामने आया है।

भाजपा ने कहा है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से इबोबी सिंह को हटाने का आग्रह करेगी। अगर सोनिया ने ऐसा नहीं किया तो पार्टी आंदोलन छेड़ेगी।

चाओबा ने कहा कि छह फरवरी को निकलने वाले ‘मणिपुर की अखंडता’ के जुलूस में भाजपा हिस्सा लेगी। पार्टी ने कहा है कि मणिपुर सरकार केंद्र से कहे कि उसे भी नागा कार्ययोजना वार्ता में भागीदार बनाया जाए।

मणिपुर में एक हिस्से में यह राय भी पाई जा रही है कि नागा कार्ययोजना समझौता राज्य की अखंडता की कीमत पर किया जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि अंतिम समझौता होने से पहले सभी संबंद्ध पक्षों की बात का ध्यान रखा जाएगा।

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