इंफाल, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। राज्य में चल रही पुलिस भर्ती परीक्षा के खिलाफ शुक्रवार को विधानसभा भवन की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान पुलिस कार्रवाई में मणिपुर भाजपा के पांच कार्यकर्ता घायल हो गए।
अधिकारियों ने कहा कि पांच घायलों में से तीन महिलाओं को गंभीर चोटें आईं हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने रास्ते बंद कर दिए और कई चक्र गोलियां चलाईं और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इसमें कई लोगों को चोटें आईं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मणिपुर इकाई साल 2013 में 2000 सिपाहियों की चयन परीक्षा निरस्त किए जाने के खिलाफ आंदोलन कर रही है।
राज्य भाजपा अध्यक्ष खेत्रीमयुम भाबनंदा ने कहा, “लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई से मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह की मानसिकता स्पष्ट होती है।”
वरिष्ठ नेता निमैचंद लुवांग ने कहा, “2013 की भर्ती परीक्षा के किसी भी अभ्यर्थी ने 30 अगस्त को हुई नई भर्ती परीक्षा में भाग नहीं लिया।”
लुवांग ने कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, “जिन अभ्यर्थियों को पहले ही चयन का आश्वासन दिया गया था, उन्हें चुनकर पुलिस की गाड़ियों में इंफाल लाया गया और मणिपुर राइफल्स के दो शिविरों में रखा गया, जहां उनकी भर्ती परीक्षा की खानापूर्ति की गई।”
उन्होंने कहा कि भाजपा को पूरे मणिपुर के लोगों का समर्थन प्राप्त है, क्योंकि यह भ्रष्टाचार है।
भाजपा विधायक खुमुकचम जॉयकिशन ने कहा कि हाल में हुई परीक्षा अवैध है। यह सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ है, जिसमें नौकरी के लिए साक्षात्कार और दूसरी रिक्तियों के बीच 15 दिनों का अंतराल होने की बात कही गई है, लेकिन इस मामले में सिर्फ 10 दिनों का अंतराल है।
भाजपा के राज्य प्रवक्ता एन. मनगी ने आईएएनएस से कहा, “विधानसभा के दो दिन के मानसून सत्र के अंतिम दिन सोमवार को लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।”
इस बीच राज्य सरकार ने कहा कि भर्ती परीक्षा सभी जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जा रही है।
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