इंफाल, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। कांग्रेस शासित मणिपुर में मंत्रियों ने कहा है कि उन्हें पार्टी के अधिकांश विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इसलिए असंतुष्टों के कहने पर उन्हें मंत्री पद से नहीं हटाया जा सकता।
मंत्रियों का दावा है कि 48 कांग्रेस विधायकों में से 26 उनके साथ हैं। इसलिए असंतुष्ट विधायकों को नहीं, उन्हें मनाया जाना चाहिए।
नाम न छापने की शर्त पर एक मंत्री ने आईएएनएस से कहा, “हमने पार्टी हाईकमान को 26 सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल) सदस्यों की ओर से एक ज्ञापन सौंपा है। इसमें आग्रह किया गया है कि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल न किया जाए।”
उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल की एक उत्कृष्ट टीम है। अगर अब फेरबदल किया गया तो इससे राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी।”
नई स्थिति के मद्देनजर इबोबी और उप मुख्यमंत्री गैखनगम ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात का अपना नई दिल्ली दौरा रद्द कर दिया है।
मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री सोनिया गांधी से मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में चर्चा करने के लिए जाने वाले थे।
एक अन्य मंत्री ने कहा कि असंतुष्टों की मांग पर कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
एक मंत्री को स्थानीय टीवी चैनलों पर यह कहते हुए दिखाया गया कि फेरबदल कभी नहीं होगा। बाद में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया।
असंतुष्ट खेमा टी.एन. हाओकिप को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को अपनी जीत मान रहा है। इस खुशी में इन लोगों ने शनिवार को रात्रि भोज का आयोजन किया।
सूत्रों के मुताबिक, हाओकिप इस मामले को अपने स्तर पर निपटाने की कोशिश करेंगे। अगर वह सफल हो जाते हैं, तो मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री नई दिल्ली नहीं जाएंगे।
एक असंतुष्ट विधायक ने कहा, “पार्टी अध्यक्ष (मणिपुर के) को बदल दिया गया है। यह हमारी चार मांगों में से एक थी। हमें उम्मीद है कि हाईकमान हमारी अन्य मांगों को भी नजरअंदाज नहीं करेगा।”
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