इंफाल, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 23 अप्रैल (शनिवार) को कुछ घंटों के लिए मणिपुर आएंगे। वह यहां तत्कालीन मणिपुर साम्राज्य की अंग्रेजों के खिलाफ 23 अप्रैल, 1891 को लड़ी गई लड़ाई की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में होने वाले एक कार्यक्रम में शरीक होंगे।
इस दौरे का ऐतिहासिक महत्व है, क्योंकि यह संदेश देता है कि देश मानता है कि मणिपुरी साम्राज्य ने अंतिम लड़ाई ब्रिटिश हुकुमत के खिलाफ अपनी आजादी को बरकरार रखने के लिए 25 अप्रैल, 1891 को लड़ी थी।
आधिकारी सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि राष्ट्रपति का यहां भव्य स्वागत करने की तैयारियां चल रही हैं।
प्रणब के सैन्य सचिव और केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां कर ली हैं कि राष्ट्रपति दौरे के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।
कुछ समय से कई उग्रवादी समूह वीवीआईपी दौरों का बहिष्कार करते आ रहे हैं और लोगों को उनके समारोहों से दूर रखने के लिए ‘जन कर्फ्यू’ की घोषणा करते रहे हैं।
प्रणब विशेष विमान से तुलिहल हवाईअड्डे पर उतरने के बाद भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के हेलीकॉप्टर से खेबा पहाड़ी जाएंगे। वहां वह एक स्तंभ का अनावरण करेंगे और उसके बाद लोगों को संबोधित करेंगे।
राष्ट्रपति दौरे से पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने राज्य व केंद्रीय सुरक्षाबलों की संयुक्त सुरक्षा समन्वय बैठक की अध्यक्षता की।
राष्ट्रपति दौरे के मद्देनजर सीमा से लगे इलाकों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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