भोपाल-मध्य प्रदेश में 24 जून को मानसून ने एंटर किया था। वहीं एंट्री के साथ ही प्रदेश के 15 जिले को मानसून ने कवर कर लिया था, लेकिन इसके बाद मानसून एक ही जगह ठहर गया और इसकी रफ्तार धीमी हो गई। नतीजतन बीते सात दिनों में मानसून छत्तीसगढ़ के पूरे हिस्सों को कवर नहीं कर पाया। वहीं अब तक मध्य प्रदेश के 40 जिलों में एंट्री नहीं हो पाई है। हालांकि इन जिलों के किसानों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 24 जून को एमपी के 15 जिले-बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अलीराजपुर, इंदौर, धार और हरदा में मानसून की दस्तक हो चुकी है। वहीं राजधानी भोपाल, ग्वालियर समेत 40 जिलों में मानसून का इंतजार है। इधर, छत्तीसगढ़ के कोरिया में भी किसान बेसब्री से मानसून की इंतजार रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, 28 जून तक मानसून सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज, मोतिहारी से होकर गुजर रही है। अगले 2-3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों, और उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल हैं। इसके बाद के 2-3 दिनों में इसके मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और दक्षिण-पूर्व राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ने की संभावना है।
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