भोपाल, 1 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार के वर्ष 2017-18 के आर्थिक बजट में मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए ‘मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना’ का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत 12वीं की परीक्षा में न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थाओं में दाखिला लेने वाले छात्रों की फीस राज्य सरकार द्वारा भरी जाएगी।
वित्त मंत्री जयंत मलैया ने बुधवार को वर्ष 2017-18 का आर्थिक बजट पेश करते हुए ‘मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना’ का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि वित्तीय सहायता की इस योजना के लिए एक हजार करोड़ रुपये की राशि का अलग से कोष बनाया जाएगा, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मलैया ने बताया कि मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 12वीं की परीक्षा में न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक पाकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं व राज्य सरकार द्वारा वित्तपोषित संस्थाओं में प्रवेश लेने पर शिक्षण शुल्क की पूरी राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, अन्य शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश लेने पर सहायता राशि एक लाख रुपये वार्षिक होगी।
इसी तरह निजी चिकित्सा महाविद्यालयों में फीस नियामक आयोग द्वारा तय की गई शिक्षण शुल्क के भुगतान के लिए छात्रों को राज्य सरकार के समक्ष एक बॉन्ड भरकर देना होगा कि वे एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के पश्चात तीन वर्ष के लिए अपनी सेवाएं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में देंगे।
इतना ही नहीं, 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से कम अंक पाने वाले छात्रों को अगर राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रवेश मिलता है, तो उन्हें शिक्षण शुल्क के बराबर राशि ब्याज मुक्त ऋण के रूप में दी जाएगी।
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