मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर बिलासपुर के गौरेला ब्लॉक स्थित गौरखेड़ा गांव में बांध के नजदीक उतरा। हेलीकॉप्टर से उतरते ही वह पैदल डबरी का निर्माण कार्य देखने चले गए। मनरेगा के तहत बन रही डबरी में कुछ महिला मजदूर काम कर रही थीं, तो कुछ पेड़ की छांव में बैठी थकान मिटा रही थीं। वहीं डॉ. रमन सिंह की मुलाकात महिला मजदूर उर्मिला कोर्राम और मानमती यादव से हुई।
मुख्यमंत्री ने दोनों से पूछा कि पोटली में क्या है, जवाब मिला खट्टा साग-भात और चटनी है। अब मजदूरों ने मनुहार करनी शुरू कर दी, “सर इसको खाकर बताइए कि कैसा बना है।”
मुख्यमंत्री उनके साथ ही पेड़ की छांव में बैठ गए और भोजन किया। इसके बाद मानमती ने उनको तेंदू का फल खिलाया। ये उसी जंगली तेंदू का फल था, जिसके पत्तों से बीड़ी बनाई जाती है। इसका फल बहुत स्वादिष्ट होता है।
मुख्यमंत्री ने भोजन करने के बाद कहा, “पोटली के भोजन के आगे तो फाइव स्टार का खाना फेल है।” यह सुनकर गरीब मजदूरों के चेहरे खिल गए।
मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर वहां बन रहे सिंचाई बांध के नजदीक उतरा। यह बांध सोनकछार नदी पर 33 करोड़ रुपये की लागत से बनवाया जा रहा है। इसके बन जाने पर खरीफ तथा रबी मौसम में इलाके के 541 किसानों के लगभग 1600 हेक्टेयर खेतों को पानी मिल सकेगा। इसमें से 800 हेक्टेयर में खरीफ और शेष 800 हेक्टेयर में रबी के दौरान सिंचाई होगी।
मुख्यमंत्री ने वहां बांध के ड्राइंग और डिजाइन सहित चल रहे निर्माण कार्य को देखा और मजदूरों से भी बातचीत की। वह इसके बाद बांध निर्माण स्थल के नजदीक ठेंगाडांड ग्राम पंचायत के ही अंतर्गत मनरेगा के चल रहे डबरी निर्माण कार्य को देखने पैदल पहुंचे। वहां पेड़ की छांव में बैठी मजदूर महिलाओं से उन्होंने मुलाकात भी की और साथ ही बड़े चाव से अमाड़ी भाजी, चटनी और भात का आनंद भी लिया।
उन्होंने उर्मिला के आग्रह पर उनके खेत में कुआं निर्माण और घर में बिजली कनेक्शन की मंजूरी दी।
डॉ. सिंह ने गौरखेड़ा के पास भैनामुड़ा में पेड़ों की छांव में लगी चौपाल में ग्रामीणों की उनकी विभिन्न जरूरतों के बारे में विचार-विमर्श किया। ग्रामीणों ने उनसे पीडीएस के तहत महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित राशन दुकान के बारे में कुछ शिकायतें की। इस पर मुख्यमंत्री ने इस दुकान का संचालन ग्रामीणों के आग्रह पर सहकारी समिति (लैंप्स) को देने का निर्णय लिया।
डॉ. सिंह ने जिला कलेक्टर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि यह राशन दुकान कल (शुक्रवार) से ही लैंप्स के जरिए शुरू हो जाए। उन्होंने अधिकारियों को आसपास की पांच बसाहटों में तत्परता से विद्युतीकरण के निर्देश दिए। साथ ही प्राथमिक और मिडिल स्कूल में बाउंड्री वॉल बनवाने का भी आदेश दिया।
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