अगरतला, 28 मार्च (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को बंद करने का प्रयास कर रही है।
यहां सोमवार शाम त्रिपुरा राज्य रोजगार गारंटी परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए सरकार ने कहा, “ग्रामीण रोजगार योजना को बंद करने के उद्देश्य से मौजूदा केंद्र सरकार मनरेगा के तहत कोष के आवंटन में धीरे-धीरे कटौती कर रही है।”
सरकार के नेतृत्व में मंगलवार को राज्य कैबिनेट की एक बैठक के दौरान भी मुद्दे पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान, मंत्रिपरिषद ने फैसला किया कि त्रिपुरा के ग्रामीण विकास मंत्री के साथ राज्य के तीन सांसद केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से जल्द ही नई दिल्ली में मुलाकात करेंगे।
कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के सूचना एवं खाद्य मंत्री भानुलाल साहा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा, “हमारा प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से योजना के साथ ही कोष के आवंटन को बरकरार रखने का अनुरोध करेगा।”
उन्होंने कहा, “वर्तमान वित्तवर्ष में त्रिपुरा ने मनरेगा के तहत प्रति परिवार लगभग 79 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया है, लेकिन आगामी वित्तवर्ष (2017-18) में केंद्र सरकार के आवंटन के अनुसार, योजना के तहत सरकार प्रति परिवार 38-42 दिनों का रोजगार ही उपलब्ध करा पाएगी।”
मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान कहा कि बेरोजगार ग्रामीणों को रोजगार से वंचित करने तथा अमीरों के हितों को साधने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार मनरेगा को संभवत: बंद कर देगी।
वाम मोर्चा शासित त्रिपुरा सरकार 2015-16 के दौरान मनरेगा के तहत रोजगार मुहैया कराने के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर रही।
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