नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। नोटबंदी के खिलाफ यहां विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी (आप) के 50 से अधिक नेताओं को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने की निंदा करते हुए सिसोदिया ने इसके खिलाफ जंतर मंतर से संसद की ओर मार्च कर रहे आम आदमी पार्टी (आप) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया।
सिसोदिया ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “नोटबंदी लोगों के जीवन को बर्बाद कर रही है, जबकि इससे काले धन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।” मार्च में गोपाल राय, कपिल मिश्रा और सत्येंद्र जैन सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।
प्रदर्शनकारी संसद से लगभग एक किलोमीटर पहले स्थित पुलिस थाने के बाहर पहुंचे, तो वहां पुलिस ने बैरिकेड लगा रखा था। सिसोदिया ने वहां दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी आम आदमी के दुख और लोगों की मृत्यु का कारण बन गया है।
उन्होंने कहा, “दावा किया गया था कि नोटबंदी से आतंक का वित्त पोषण बंद होगा, तो कश्मीर में मारे गए आतंकवादी के पास नया 2000 रुपये का नोट कैसे आया।”
उन्होंने कहा, “कहा गया था कि नोटबंदी से भ्रष्टाचार खत्म होगा, लेकिन लोग अब भी रिश्वतखोरी में लिप्त हैं और नए 500 और 2000 रुपये के नोट का इस्तेमाल कर रहे हैं।”
पुलिस ने कहा कि सिसोदिया, जैन, राय और मिश्रा और विधायकों सहित 50 से अधिक आप नेताओं को हिरासत में लिया गया। फिलहाल, सभी को रिहा कर दिया गया है।
आप नोटबंदी के खिलाफ ²ढ़ता से सामने आई है। उसने कहा है कि नोटबंदी कॉरपोरेट घरानों के कर्ज माफ करने के लिए है, जिन्होंने बैंकों से भारी मात्रा में कर्ज ले रखे हैं।
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