भोपाल 5 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार के खिलाफ कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने गुरुवार को रायसेन जिले के उदयपुरा से ‘न्याय यात्रा’ की शुरुआत की। यह यात्रा उस गांव से शुरू हुई, जहां मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी ने आत्महत्या की थी। कांग्रेस नेताओं ने ऐलान किया कि राज्य की जनता न्याय लेकर रहेगी।
कांग्रेस नेताओं ने उदयपुरा में प्रीति सिंह रघुवंशी के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और प्रीति को न्याय न दिलाने वाली सरकार पर हमला बोला।
न्याय यात्रा प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव और नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के नेतृत्व में निकाली जा रही है। यादव ने कहा कि राज्य में जब मंत्री की पुत्रवधू को ही न्याय नहीं मिल रहा है, तो अन्य महिलाओं और युवतियों को कितना न्याय मिल पा रहा होगा, यह बड़ा सवाल है और इसका जवाब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को देना चाहिए। घटना का लगभग एक पखवाड़ा गुजर गया है और अब तक पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया है।
उन्होंने आगे कहा कि रामपाल मुख्यमंत्री के करीबी हैं, लिहाजा अब तक आत्महत्या के लिए प्रेरित करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मगर राज्य की जनता न्याय लेकर रहेगी। बीते 15 सालों में महिलाओं की असुरक्षा बढ़ गई है।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज पर हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एक युवती से दुष्कर्म होने पर फांसी की सजा का अध्यादेश पारित कर देते हैं, मगर कार्रवाई किसी पर नहीं हुई है। मुख्यमंत्री किसी भी समस्या को विषयांतर करने में माहिर हैं। मंत्री की पुत्रवधू को न्याय नहीं मिला, इसलिए जनता सड़कों पर उतरी है।
उन्होंने कहा, “इस दो दिवसीय यात्रा के बाद 16 अप्रैल से पूरे प्रदेश में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। राष्ट्रीय अपराध अन्वेषण ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़े राज्य में महिलाओं पर अत्याचार की कहानी बयां करने वाले हैं।”
कांग्रेस की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उदयपुरा से शुरू हुई न्याय यात्रा शुक्रवार को भोपाल पहुंचकर समाप्त होगी। इस मौके पर इकबाल मैदान में एक जनसभा होगी।
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