भोपाल, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के दो राष्ट्रीय उद्यानों में बीते 11 माह में 12 बाघों की मौत हुई है। इनमें से सात बाघों का शिकार किया गया है, यह बात वन विभाग ने स्वीकार की है।
मुख्य वन्य-प्राणी अभिरक्षक रवि श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि पेंच एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जून, 2015 से अब तक कुल 12 बाघ की मृत्यु हुई है। इनमें से 10 की पेंच में और दो बाघों की मौत बांधवगढ़ उद्यान में हुई है।
उन्होंने माना है कि इन 12 बाघों में से पांच बाघों की मृत्यु की वजह आपसी लड़ाई, वृद्घावस्था एवं घायल होना है। इसके अलावा सात बाघ की मृत्यु की वजह अपराधियों की गतिविधियों की जद में आना है। इन मामलों में अभी तक 27 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
श्रीवास्तव ने बताया कि शिकार से संबंधित सात बाघ की मृत्यु के प्रकरणों में तीन बाघ की मृत्यु पेंच उद्यान क्षेत्र में खेतों में नंगे बिजली के तार फैलाने के कारण हुई है। एक बाघ की मृत्यु पेंगोलिन शिकार से संबंधित अपराधियों द्वारा की गई। इसी तरह पेंच टाइगर रिजर्व में एक बाघिन एवं उसके दो शावक की मृत्यु पानी के स्रोत में इंडोसल्फान जहर मिलाने से हुई है। वहीं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आपसी लड़ाई के कारण घायल अवस्था में पाए गए टी-13 (ब्ल्यू आई) की मृत्यु घाव ज्यादा गंभीर होने के कारण हुई है।
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