भोपाल, 29 मार्च (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्री-नर्सरी शिक्षा के पक्षधर नहीं हैं। उनका मानना है कि बच्चों को ढाई साल की उम्र में प्री-नर्सरी में डाल दिया जाता है, जिससे वे खेल-कूद से वंचित रह जाते हैं।
मुख्यमंत्री निवास में बुधवार को विद्या भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं की खेल प्रतिभाओं को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा, “जब वे छह साल के थे तब विद्यालय गए थे, अब तो बच्चों को ढाई साल की उम्र में ही प्री-नर्सरी में दाखिला दिला दिया जाता है, जिससे उन्हें खेलने कूदने का भी मौका नहीं मिलता।”
मुख्यमंत्री ने कहा है कि व्यक्तित्व के संपूर्ण विकास के लिए पढ़ने के साथ खेलना भी जरूरी है। बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल अत्यंत जरुरी है।
चौहान ने कहा, “राष्ट्र के पुनर्निर्माण के प्रकल्पों में सहयोग करना सरकार का कर्तव्य है। समाज के ऐसे हर प्रयास को सरकार का सहयोग मिलेगा। विद्याभारती सीमित संसाधनों में भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कारों के निर्माण का कार्य कर रही है। संस्था के प्रयासों में सरकार का पूरा सहयोग रहेगा। स्कूल शिक्षा विभाग के साथ इसकी रूपरेखा तैयार होगी।”
विद्या भारती के अध्यक्ष डा. गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थी सभी बोर्ड की परीक्षाओं में प्रावीण्य-सूची में आए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता संस्थान की पहचान है। इस समारोह में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह भी उपस्थित रहे।
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