भोपाल, 12 सितंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में पीड़ित महिलाओं को सभी तरह की सहायता एक ही स्थान पर सुलभ कराने के लिए 50 जिलों में वन-स्टॉप केंद्र ‘सखी’ खोले जाएंगे। इस तरह का केंद्र इंदौर में पहले से स्थापित है।
राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी से मुलाकात की। साथ ही राज्य में महिला एवं बाल विकास के विभाग से संबंधित मसलों पर चर्चा की।
आधिकारिक तौर पर जारी बयान में बताया गया है कि राज्य में 50 जिलों में वन-स्टॉप केंद्र ‘सखी’ खोले जाएंगे और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए 29 प्रशिक्षण केंद्र भी खुलेंगे।
ज्ञात हो कि वन-स्टॉप केंद्र ‘सखी’ ऐसा केंद्र हैं, जहां पीड़ित महिलाओं केा एक ही छत के नीचे सभी तरह की कानूनी व सामाजिक सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। साथ ही योजनाओं की जानकारी और उसका लाभ महिलाएं कैसे उठाएं, इसकी भी जानकारी केंद्र में दी जाती है। यहां आने वाली महिला को किसी अन्य दफ्तर के चक्कर नहीं लगाना होंगे।
मंत्री अर्चना ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से मुलाकात कर बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में सिर्फ एक ही वन-स्टॉप सेंटर इंदौर में स्थापित है, जबकि पूरे प्रदेश में इसकी जरूरत है। उनके आग्रह पर मेनका गांधी ने सभी जिलों में यह केंद्र खोलने की स्वीकृति दी।
अर्चना चिटनिस ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए 29 प्रशिक्षण केंद्र खोलने की स्वीकृति दी है। इससे प्रदेश की आंगनवाड़ियों में कार्यरत 92 हजार कार्यकर्ताओं को बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
उन्होंने 79 बाल विकास परियोजना खोलने एवं 6000 मिनी आंगनवाड़ी केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव केंद्रीय मंत्री को सौंपा। उन्होंने कुपोषित बच्चों के लिए सामुदायिक केंद्र की संख्या बढ़ाने की भी जरूरत बताई।
dharmpath.com dharmpath