दमोह, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में पुलिस के विशेष संगठन लोकायुक्त ने शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डा. ओ. पी. गौतम को अधीनस्थ कर्मचारी से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। डा. गौतम निलंबन खत्म करने के एवज में रिश्वत ले रहे थे।
लोकायुक्त पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर लीलाधर अहिरवार को कार्य मंे लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया गया था। अहिरवार से बहाली के लिए डा. गौतम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसकी शिकायत अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त से की।
लोकायुक्त के दल के सदस्य उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) के.के. अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया है कि निलंबन से बहाली के लिए अहिरवार 10 हजार रुपये की रिश्वत दे चुका था तथा डा. गौतम ने जब 10 हजार रुपये और मांगे तो उसने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त से की। इस शिकायत की पुष्टि के बाद शुक्रवार की सुबह डा. गौतम को 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
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