भोपाल, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। एकता परिषद के संस्थापक पी. वी. राजगोपाल के उपवास के आगे मध्य प्रदेश सरकार को झुकना पड़ा है और उसने जमीन संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एकता परिषद के संस्थापक राजगोपाल ने चार दिनों तक राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में उपवास और धरना दिया। उनकी मांग है कि जनजातीय वर्ग को जमीन का हक दिलाया जाए और जमीन संबंधी, समस्याओं के निपटारे में देरी न हो।
राजगोपाल के उपवास के अंतिम दिन बुधवार को सरकार के राजस्व विभाग ने उन्हें एक पत्र भेजकर बताया है कि सरकार ने जमीन संबंधी समस्याओं के निपटारे के लिए जिला स्तर पर टॉस्क फोर्स बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
एकता परिषद के अनीस ने आईएएनएस को बताया कि राज्य में वर्ष 2000 से 2003 तक जिला और राज्यस्तरीय टॉस्क फोर्स थी, जो जमीन संबधी समस्याओं का निपटरा करती थी। जिला स्तरीय समिति में प्रशासनिक अधिकारी और एकता परिषद के प्रतिनिधि होते थे, ठीक इसी तरह राज्यस्तरीय समिति के अध्यक्ष मुख्यमंत्री और सदस्य के रूप में राजस्व मंत्री, वन मंत्री सहित कुल 10 सदस्य होते थे, इनमें पांच सदस्य एकता परिषद के होते थे।
उन्होंने बताया कि भाजपा के सत्ता में आने पर इस टॉस्क फोर्स को खत्म कर दिया गया था, इसके खिलाफ एकता परिषद ने उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल की थी, जिस पर न्यायालय ने टॉस्क फोर्स गठन का 2006 में निर्देश दिया था, उसका सरकार ने अब अनुपालन किया है।
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