भोपाल/पन्ना15 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में रेत कारोबारी और माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि उनके लिए कोई अफसर, पुलिस वाला और खनिज विभाग का अमला कोई मायने नहीं रखता। अब देखिए न, पन्ना में रेत का खनन रोकने गए तहसीलदार को खनन कारोबारियों और माफियाओं ने बंधक बना लिया। पुलिस ने मामला दर्ज तो कर लिया है, मगर पकड़ा कोई नहीं गया। कांग्रेस ने इस घटना को राज्य सरकार के लिए कलंक बताया है।
पन्ना के अजयगढ़ थाना क्षेत्र में चल रहे रेत खनन के कारोबार का मुआयना करने 12 अक्टूबर को जब तहसीलदार डी. एस. बघेल पहुंचे, तो वहां मौजूद लोगों ने उनसे हुज्जत कर डाली। खनन माफिया के साथियों ने उनका फोन छीन लिया और एक स्थान पर ले जाकर बंधक बनाया।
अजयगढ़ थाने के प्रभारी गिरीश ढोलवे ने रविवार को आईएएनएस को बताया, “तहसीलदार बघेल ने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार की शिकायत थाने में शनिवार को दर्ज कराई है। इस शिकायत में उन्होंने बताया है कि खनन में लगे लोगों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और तीन घंटे तक बंधक बनाए रहे। उसके बाद छोड़ा।”
ढोलवे के मुताबिक, आरोपी पांच हैं। उनके खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है।
तहसीलदार को बंधक बनाए जाने की घटना को लेकर कांग्रेस नेता व विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि तहसीलदार के साथ रेत के अवैध उत्खनन को रोकने पर जो दुर्व्यवहार हुआ है, वह शिवराज सरकार के लिए कलंक है।
उन्होंेने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक में अफसरों को ठीक से काम न करने पर उल्टा लटकाने की बात करते हैं, मगर राज्य में अफसरों पर माफियाओं के जो हमले हो रहे हैं, उससे तो लगता है कि कहीं भाजपा सरकार को जनता ही न उल्टा टांग दे।
सिंह ने कहा कि यह सरकार माफियाओं की सरकार है, इसलिए उनके हौसले इतने बुलंद हैं। इन माफियाओं ने पन्ना जिले में तहसीलदार डी.एस. बघेल को न केवल तीन घंटे तक बंधक बनाया, बल्कि उनसे उठक-बैठक भी लगवाई और मारपीट भी की।
यह अकेली घटना नहीं है, इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। मुरैना में आईपीएस अफसर नरेंद्र कुमार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर मार डालने की घटना को तो लोग अब तक नहीं भूले हैं।
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