अशोकनगर, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के अशोकनगर में पुलिस के विशेष संगठन लोकायुक्त के दल ने गुरुवार को तहसीलदार आलोक वर्मा को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया। तहसीलदार वर्मा ने यह घूस तहसील परिसर में गुमठी रखने की अनुमति देने के एवज में मांगी थी।
लोकायुक्त ग्वालियर के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आर.बी. शर्मा ने आईएएनएस को बताया कि बी.पी. सिंह अहिरवार तहसील परिसर में चाय की गुमठी रखना चाहता था, इसके एवज में तहसीलदार वर्मा ने 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। वह रिश्वत देने में सक्षम नहीं था और उसने इसकी शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर से शिकायत की।
शर्मा के मुताबिक, शिकायत की पुष्टि होने पर गुरुवार की सुबह तहसीलदार वर्मा को बी.पी. सिंह अहिरवार से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर 25 हजार के निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
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