भोपाल, 27 दिसंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में आठ नगरीय निकायों के चुनाव नतीजों ने कांग्रेस में उत्साह भर दिया है। पार्टी ने चार नगरीय निकाय भाजपा से छीनते हुए पांच पर जीत दर्ज की है, वहीं भाजपा को सिर्फ तीन स्थानों पर जीत से संतोष करना पड़ा है।
रतलाम-झाबुआ संसदीय क्षेत्र के उपचुनाव हारने के बाद भाजपा की नगरीय निकाय चुनाव में यह दूसरी बड़ी हार मानी जा रही है। भाजपा के हाथ से चार नगरीय निकाय कांग्रेस ने छीन लिए हैं। नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना शनिवार को हुई।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान और प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन ने आठ नगरीय निकायों के चुनाव शांतिपूर्ण होने पर मतदाताओं का आभार जताया और कहा कि जनता का निर्णय शिरोधार्य करते हुए पार्टी जनता की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने रविवार को जारी अपने बयान में कार्यकर्ताओं के परिश्रम की सराहना की और कहा, “जनता का निर्णय हमेशा हमारे लिए मान्य होता है।”
भाजपा नेताओं ने विजयी पार्षदों की संख्या पर संतोष जताया और कहा कि प्रदेश में संपन्न आठ नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम में कुल 179 वार्डो के चुनाव में भाजपा के विजयी पार्षदों की संख्या सर्वाधिक 93 है, जबकि कांग्रेस 60 वार्डो की पंसद बनी।
वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी की जीत पर मतदाताओं और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। जीत से कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित हैं और जमकर खुशियां मना रहे हैं।
नगर पलिका अध्यक्ष पद के चुनाव में शाजापुर में कांग्रेस की शीतल भट्ट ने भाजपा की संगीता को हराया। वहीं, सीहोर में भाजपा प्रत्याशी अमिता जसपाल अरोरा ने कांग्रेस प्रत्याशी रीना राहुल यादव को पराजित किया, जबकि मंदसौर में भाजपा प्रत्याशी प्रहलाद बंधवार ने कांग्रेस के सोमिल नाहट को शिकस्त दी।
इसी तरह नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में शाहगंज में भाजपा प्रत्याशी भैयालाल गौर विजयी रहे, जबकि धामनोद नगर परिषद में कांग्रेस की विष्णु चौहान जीतीं। ओरछा नगर परिषद में कांग्रेस की राजकुमारी यादव, भेड़ाघाट में कांग्रेस की शैला सुनील जैन, मंझौली से कांग्रेस की रूबी विदेश सिंह ने दर्ज की। इस चुनाव में कांग्रेस ने चार नगर परिषद भाजपा से छीनी है।
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