भिंड, 17 नवंबर (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश के भिंड जिले में घर से नोट बदलने के लिए निकले पूर्व सैनिक बाबूलाल वाल्मीकि (70) गुरुवार सुबह पुराने नोट बदलवाने के लिए घर से निकले, लेकिन बैंक पहुंचने से पहले ही दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई।
भिंड के फूप थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव निवासी बाबूलाल गुरुवार की सुबह घर से 12 हजार रुपये के 500 और 1,000 रुपये के नोट बदलवाने निकले थे। वह कलेक्ट्रेट स्थित भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की शाखा से चंद कदमों की दूरी पर थे, तभी लंबी कतार देख उन्हें चक्कर आ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़े। बाबूलाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत मीणा ने आईएएनएस को बताया, “बाबूलाल घर से नोट बदलवाने निकला था, मगर बैंक नहीं पहुंचा और न ही बैंक की कतार में था। वह बैंक से लगभग 100 मीटर की दूरी पर था, तभी उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।”
केंद्र सरकार द्वारा 500 और 1,000 रुपये के नोटों को अमान्य किए जाने के बाद एक दिन में 4,500 रुपये तक के पुराने नोट बदले जा रहे हैं। एटीएम से कहीं 2000 तो कहीं 2,500 रुपये निकल रहे हैं। बीते नौ दिनों में नोट निकलवाने और बदलवाने की कोशिश में अब तक तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
इससे पहले सागर में विनोद पांडे की बैंक के आगे कतार में खड़े-खड़े चक्कर आने के बाद मौत हो चुकी है, वहीं रतलाम में एक युवक संजय पिता को बैंक की कतार में लगाकर घर से पहचानपत्र लाने गया। वह जब तक लौटा, तब तक उसके पिता की मौत हो चुकी थी।
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