भोपाल, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की पावर ट्रांसमिशन कंपनी बिजली क्षेत्र की ऐसी कंपनी बन गई है जिसने स्काडा सिस्टम (सुपरवाइजरी कंट्रोल एन्ड डाटा एक्यूजिशन) को अपनाया है। इस प्रणाली से ट्रांसमिशन ग्रिड का नियंत्रण, संचालन और ऑनलाइन मॉनीटरिग होती है।
भोपाल, 1 दिसम्बर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश की पावर ट्रांसमिशन कंपनी बिजली क्षेत्र की ऐसी कंपनी बन गई है जिसने स्काडा सिस्टम (सुपरवाइजरी कंट्रोल एन्ड डाटा एक्यूजिशन) को अपनाया है। इस प्रणाली से ट्रांसमिशन ग्रिड का नियंत्रण, संचालन और ऑनलाइन मॉनीटरिग होती है।
कंपनी की ओर से सोमवार को दी जानकारी के अनुसार, ट्रांसमिशन सिस्टम को मजबूत करने और कार्यदक्षता में वृद्धि के लिए आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए यह प्रणाली स्थापित की गई है। पिछले दिनों केन्द्रीय विद्युत नियामक आयोग और केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण के पूर्व सदस्य वी.एस. वर्मा ने भी कंपनी के जबलपुर स्थित स्काडा नियंत्रण केन्द्र का निरीक्षण कर प्रणाली की सराहना की थी।
बताया गया है कि प्रणाली में प्रदेश के विभिन्न भागों में स्थित अति उच्च दाब सब स्टेशनों में रिमोट टेलीमेट्री यूनिट स्थापित कर जीपीआरएस संचार माध्यम से जबलपुर, भोपाल एवं इंदौर में स्थापित किए गए स्काडा नियंत्रण केन्द्रों से संबद्ध किया गया है। तीनों नियंत्रण केन्द्र कंपनी और पावर ग्रिड की ऑप्टिकल फाइबर ग्राउंड वायर लाइनों के माध्यम से आपस में जुड़े हुए हैं। वर्तमान में कंपनी के 225 अति उच्च दाब सब स्टेशनों में स्काडा नियंत्रण सिस्टम की स्थापना का काम पूरा हो चुका है।
कंपनी के प्रबंध संचालक रवि सेठी ने बताया कि बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क में तेजी से हो रहे विकास, विस्तार तथा बिजली मांग में असाधारण वृद्धि के कारण लोड मैनेजमेंट का काम कठिन हो गया है। उन्हें उम्मीद है कि इन चुनौतियों का सामना करने में कंपनी द्वारा स्थापित यह स्काडा सिस्टम उपयोगी सिद्ध होगा।
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