भोपाल, 5 फरवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में बस हादसों को रोकने के लिए राज्य सरकार नया प्रयोग करने जा रही है। बस ओवरलोडिंग की शिकायत अब वॉट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से परिवहन विभाग के अधिकारियों से की जा सकेगी। इस शिकायत पर संबंधित वाहन चालक और उसके मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन यात्री बसों में क्षमता से ज्यादा यात्री सफर करेंगे, उन बसों की सूचना फोटो सहित वाट्सएप के माध्यम से या सोशल मीडिया के अन्य माध्यम से आमजन द्वारा संबंधित अधिकारी को भेजने पर वाहन चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जल्दी ही नई व्यवस्था लागू होगी। इससे यात्रियों के सहयोग से बसों में ओवरलोडिंग पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यात्री वाहनों के निरंतर निरीक्षण का अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त किए जाएंगे।
चौहान ने बताया कि स्कूल बसों का कर (टैक्स) 120 रुपये प्रति सीट प्रतिवर्ष से घटाकर 12 रुपये कर दिया गया है। इससे प्रदेश में 15 हजार स्कूल बसों को लाभ हुआ है। वाहनों के पंजीयन, लाइसेंस जारी करने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री वाहन चालक-परिचालक कल्याण योजना में 17 हजार चालक का पंजीयन हो चुका है।
बैठक में बताया गया है कि परिवहन राजस्व बढ़कर 1571 करोड़ हो गया है। इस साल के अंत तक यह 2100 करोड़ तक बढ़ेगा। महिलाओं को नि:शुल्क वाहन चालन लाइसेंस दिया जा रहा है। वाहनों का लाइफ टाइम टैक्स कम कर दिया गया है।
किसानों के हित में कृषि उपयोग के वाहनों पर कर छह प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत कर दिया गया है। पर्यावरण की दृष्टि से पंद्रह साल से ज्यादा चल चुके वाहनों को परमिट देना बंद कर दिया गया है। वाहन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र देने के लिए 3000 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
बैठक में परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव इकबाल सिंह बैंस और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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